श्री विजया पुरम,
अंडमान और निकोबार प्रशासन इस वर्ष 15 और 16 जनवरी को मारिना पार्क, श्री विजयापुरम में दूसरी ‘सी फूड फेस्टिवल’ आयोजित करेगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।दो दिवसीय यह महोत्सव नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक खान-पान का उत्सव होगा, जिसमें अंडमान की विभिन्न समुद्री व्यंजन सामग्रियों के साथ-साथ संगीत और स्थानीय संस्कृति का भी प्रदर्शन होगा।
यह फेस्टिवल फिशरीज विभाग, सूचना, प्रचार और पर्यटन निदेशालय (IP&T) के सहयोग से और नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (NFDB), हैदराबाद के वित्तीय समर्थन से आयोजित किया जाएगा। वरिष्ठ IP&T अधिकारी ने कहा, "हमारा उद्देश्य अंडमान में समुद्री भोजन की संस्कृति और टूना क्लस्टर डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। भोजन प्रेमियों, शेफ और ब्लॉगरों को अंडमान आने और इस महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।"
महोत्सव में अंडमान के समुद्री भोजन की विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा और मत्स्य आधारित जीविकाओं को भी उजागर किया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, समुद्री भोजन बनाने के प्रदर्शन, सार्वजनिक प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव सेशन शामिल होंगे।
स्थानीय समुद्री भोजन की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ घरेलू मछली विपणन और खपत को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्रमुख मत्स्य योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सहाय योजना (PMMKSSY) के प्रति जागरूकता भी फैलाने के लिए किसान-वैज्ञानिक बैठकें और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
फेस्टिवल में फिशरीज एसोसिएशन, उद्यमी, को-ऑपरेटिव, एक्वेरियम शॉप, होटल, रेस्टोरेंट, स्पोर्ट फिशिंग वेसल मालिक, महिला स्वयं सहायता समूह और NGOs को स्टॉल मिलेंगे, जहां वे ताजी, जमी हुई और वैल्यू एडेड मछली, समुद्री व्यंजन, एक्वेरियम, फिश फीड और स्पोर्ट फिशिंग सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, अंडमान की समुद्री संपदा का सालाना अनुमानित उत्पादन 1,48,000 टन है, जबकि वर्तमान में केवल 49,138 टन ही उत्पादन हो रहा है। टूना मछली का वर्तमान उत्पादन 4,420 टन है, जबकि क्षमता 60,000 टन है। अधिकारी ने कहा, "लगभग 6 लाख वर्ग किमी की विशेष आर्थिक ज़ोन (EEZ) होने के कारण अब समुद्री संसाधनों को पूरी तरह से विकसित करने का समय है। इस फेस्टिवल से वैश्विक निवेशकों का भी ध्यान अंडमान पर जाएगा।"
साल 2023-24 में भारत ने 17.81 लाख टन समुद्री भोजन का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 60,523.89 करोड़ रुपये रही।