वेनिस बिएनाले में भारत मंडप: कला के ताने-बाने से ‘घर’ की नयी परिकल्पना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
Reimagining 'Home' through the Weave of Art
Reimagining 'Home' through the Weave of Art

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
दिल्ली में एक कलाकार के ढह चुके पुश्तैनी घर को कढ़ाई के धागों से बुनती एक ऐसी कलाकृति इटली के प्रतिष्ठित वेनिस बिएनाले में भारत मंडप में प्रदर्शित कलाकृतियों में शामिल है जो स्मृति, घरेलू संसार, बीते समय और अपनेपन के भाव को टटोलती है।
 
संस्कृति मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने इस प्रदर्शनी के जरिए 2019 के बाद बिएनाले आर्टे में वापसी की है।
 
बिएनाले की 61वीं अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में भारत मंडप को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। ‘जियोग्राफीज़ ऑफ़ डिस्टेंस: रिमेम्बरिंग होम’ विषय पर आधारित यह प्रदर्शनी तेजी से बदलती दुनिया में स्मृति और अपनेपन के अर्थ तलाशती है।
 
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, ‘ला बिएनाले दी वेनेजिया’ के अध्यक्ष पिएत्रांजेलो बुत्ताफूओको, केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और इटली में भारत की राजदूत वाणी राव की मौजूदगी में मंडप को आम जनता के लिए खोला गया।
 
मंत्रालय के अनुसार, प्रदर्शनी में सुमाक्षी सिंह की कलाकृति ‘परमानेंट एड्रेस’ शामिल है जो ‘‘नयी दिल्ली में कलाकार के ढह चुके पुश्तैनी घर का कढ़ाई के धागों से किया गया पुनर्निर्माण है। यह कलाकृति यादों, घरेलू परिवेश और अनुपस्थिति के भाव को व्यक्त करती है।’’
 
अन्य कलाकृतियों में ए बालासुब्रमण्यम की ‘नॉट जस्ट फॉर अस’ शामिल है। यह तमिलनाडु के गांवों की मिट्टी से बने मूर्तिकला पैनलों के माध्यम से स्मृति, पर्यावरणीय बदलाव और समय के प्रवाह को समझने की कोशिश करती है।
 
रंजनी शेट्टार की ‘अंडर द सेम स्काई’ फूलों और प्राकृतिक विकास से प्रेरित मूर्तिशिल्प आकृतियों के जरिए एक ऐसा वातावरण बनाती है, जिसमें प्रकृति, शिल्प और भावनात्मक अपनापन एक साथ अनुभव होता है।
 
एस. सोनम ताशी की ‘एकोज ऑफ होम’ कागज की लुगदी और लद्दाखी वास्तुकला के संदर्भों के जरिए पारिस्थितिकी, स्थिरता और सांस्कृतिक निरंतरता को सामने लाती है।
 
मंत्रालय ने कहा कि असीम वाकिफ की बांस से बनी बड़े आकार की कलाकृति ‘चाल’ शहरी मचान से प्रेरित है और समकालीन भारतीय शहरों में बदलाव एवं नवीकरण के विचारों को अभिव्यक्त करती है।