India has made progress on many fronts, need to avoid the 'middle-income trap': Chairman, EAC-PM
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने शनिवार को कहा कि भारत ने कई मोर्चों पर प्रगति की है और देश को मध्यम आय के जाल से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक समृद्ध और समावेशी समाज एवं अर्थव्यवस्था बनाने के लिए देश को अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाना चाहिए।
देव ने '104वें स्कॉच शिखर सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने जीएसटी सुधारों, रेरा, आईबीसी, बीमा में 100 प्रतिशत एफडीआई, परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश और कारोबारी सुगमता की पहल सहित कई सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा, ''भारत ने कई मोर्चों पर प्रगति की है। विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों के सही आवंटन, मजबूत सुधारों और उच्च वृद्धि दर के साथ भारत अपनी वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर सकता है।''
प्रख्यात अर्थशास्त्री ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, व्यापक आर्थिक स्थिरता और एक बड़ा घरेलू बाजार भारत की प्रमुख ताकतें हैं।
उन्होंने कहा, ''भारत को मध्यम आय के जाल से बचना चाहिए और एक ऐसा समाज और अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करना चाहिए जो समृद्ध, समावेशी और प्रकृति के अनुकूल हो।''
मध्यम आय का जाल ऐसी स्थिति है, जहां एक मध्यम आय वाला देश बनने के बाद आर्थिक वृद्धि स्थिर हो जाती है और वह उच्च आय वाला देश नहीं बन पाता है।
उन्होंने कहा, ''विनिर्माण क्षेत्र केवल 11-12 प्रतिशत लोगों को रोजगार देता है, जिसकी जीडीपी में 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है। विनिर्माण और सेवाओं को बढ़ाना आवश्यक है।''
देव ने कहा कि बजट और पूंजी निर्माण के माध्यम से सरकारी निवेश महत्वपूर्ण है, लेकिन निजी पूंजी में उल्लेखनीय वृद्धि होनी चाहिए।