भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक "प्रमुख वैश्विक शक्ति" के रूप में उभरा है: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-11-2026
India has emerged as a
India has emerged as a "major global force" in renewable energy: Union Minister Pralhad Joshi

 

नई दिल्ली 
 
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में खुद को एक "बड़ी वैश्विक शक्ति" के रूप में स्थापित किया है। भारत की बढ़ती क्षमता, महत्वाकांक्षी लक्ष्य और स्वच्छ ऊर्जा विस्तार की तेज गति यह दर्शाती है कि देश वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन (global energy transition) में एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरा है। 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026' (Bharat Renewable Energy Summit & Expo 2026) के समापन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, जोशी ने कहा कि भारत मंडपम में आयोजित इस चार दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया भर के नीति-निर्माता, निवेशक, उद्योग जगत के नेता और इनोवेटर शामिल हुए। यह आयोजन नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए भारत के सबसे बड़े वैश्विक मंचों में से एक के रूप में उभरा है।
 
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पहली बार, नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े तीन बड़े कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि इस शिखर सम्मेलन ने न केवल नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया, बल्कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के अगले चरण के लिए आधार भी तैयार किया। उन्होंने कहा, "संदेश बिल्कुल साफ है - भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी वैश्विक शक्ति बनकर उभरा है और दुनिया ने इस पर ध्यान दिया है।" जोशी ने आगे बताया कि भारत ने अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को और ऊंचा किया है। पहले 500 GW का लक्ष्य था, जिसे बढ़ाकर अब 2030-35 तक 800 GW कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "हम इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं और हमें पूरा भरोसा है कि हम 500 GW के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे, हो सकता है कि तय समय से पहले ही इसे पूरा कर लें। इस शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाओं और इसके नतीजों ने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा को लेकर हमारे विश्वास को और मजबूत किया है।"
 
जोशी ने बताया कि देश को अपनी पहली 100 GW क्षमता हासिल करने में कई दशक लग गए थे, जबकि अगली 100 GW क्षमता केवल सात वर्षों में जुड़ गई। वहीं, तीसरी 100 GW क्षमता का लक्ष्य 2024 से 2026 के बीच, यानी सिर्फ दो वर्षों में हासिल कर लिया गया। यह देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जुड़ने की तेज होती गति को दर्शाता है।
शिखर सम्मेलन के पैमाने और इसमें हुई भागीदारी के बारे में बात करते हुए, जोशी ने कहा कि BRES 2026 भारत में अब तक आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा का सबसे बड़ा कार्यक्रम था। चार दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 75,000 से अधिक आगंतुक, आठ सहयोगी देश, 32 अंतरराष्ट्रीय मंत्री और 14 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्घाटन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का जिक्र करते हुए, जोशी ने कहा कि भारत को अगले 10 से 17 वर्षों में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता में 500 GW और जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है।