भारत अमेरिका के सामने खड़ा होने वाला पहला देश, ट्रंप के सामने नहीं झुकेगा: भाजपा नेता सुनील बंसल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 30-08-2025
India first nation to stand up to US, will not bow before Trump: BJP's Sunil Bansal
India first nation to stand up to US, will not bow before Trump: BJP's Sunil Bansal

 

जयपुर (राजस्थान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने शनिवार को कहा कि भारत अमेरिका के खिलाफ खड़ा होने वाला पहला देश है। उन्होंने कहा कि देश ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नहीं झुकेगा।
 
 बंसल ने कहा, "पहली बार कोई देश अमेरिका के सामने खड़ा हुआ है, और वह देश भारत है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि हम ट्रंप के सामने नहीं झुकेंगे।"
 
उन्होंने भारत को 1.4 अरब की आबादी वाला एक गौरवान्वित, आत्मनिर्भर राष्ट्र बताया और कहा, "हम इस विश्वास पर अडिग रहेंगे। यह देश किसी अन्य राष्ट्र के सामने नहीं झुकेगा। पहली बार भारत ने यह संदेश दिया है।"
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए बंसल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा, "मोदी जी के नेतृत्व में हमने भारत को प्रगति करते देखा है। पिछले 11 वर्षों में हमने प्रधानमंत्री मोदी का दुनिया भर के देशों द्वारा लाल कालीन बिछाकर स्वागत होते देखा है। पहली बार हमने अमेरिकी धरती पर 'भारत माता की जय' के नारे लगते देखे हैं। आज हर देश भारत के साथ मित्रता करना चाहता है।"  बंसक ने 'वोकल फॉर लोकल' आंदोलन की सफलता पर भी प्रकाश डाला और कहा, "अमेरिका आज जितना टैरिफ लगाता है, उतने ही देश भारत का समर्थन करने के लिए भी तैयार हैं। स्वदेशी की भावना इस देश में जीवित है। इन अभियानों का परिणाम भारत में स्थानीय उत्पादों की बढ़ती बिक्री में स्पष्ट है। इन अभियानों ने आज देश में लाखों नौकरियाँ पैदा की हैं।"
 
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा जारी एक नोटिस के बाद, डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी हो गया। यह कदम भारत के अमेरिका-उन्मुख निर्यातकों के लिए गंभीर चुनौतियाँ पेश करता है।
 
आईसीआरआईईआर के एक विश्लेषण के अनुसार, इससे भारत के लगभग 70 प्रतिशत निर्यात, जिसका मूल्य 60.85 अरब अमेरिकी डॉलर है, बढ़े हुए शुल्कों के दायरे में आ जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प, जिन्होंने कई मौकों पर भारत को "टैरिफ किंग" कहा है, ने इस कदम के कारणों के रूप में भारत के साथ व्यापार घाटे और नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल और सैन्य उपकरणों की निरंतर खरीद का हवाला दिया।