आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए असम से दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा है कि कांग्रेस में उन्हें उपेक्षित, अलग-थलग और ‘‘अवांछित व्यक्ति’’ जैसा महसूस कराया गया।
पांच दशक से अधिक समय तक कांग्रेस में रहे बोरदोलोई दिसपुर से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
बोरदोलोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा कि एक के बाद एक कई ऐसी बातें हुईं, जिन्होंने उन्हें आहत किया और शायद इसकी शुरुआत 2022 में कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव से हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में उन्हें अपमान का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें ‘‘अवांछित व्यक्ति’’ जैसा महसूस कराया गया और पार्टी अध्यक्ष पद के लिए उनके द्वारा शशि थरूर की उम्मीदवारी का समर्थन किए जाने के बाद उन्हें किनारे कर दिया गया।
मल्लिकार्जुन खरगे चुनाव जीतकर कांग्रेस अध्यक्ष बने।
बोरदोलोई ने कहा, ‘‘उसके बाद मुझे लगा कि मेरे खिलाफ व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई हो रही है, हालांकि खरगे हमेशा उदार रहे और उन्होंने मुझे स्वीकार किया... सोनिया गांधी, जो मेरे लिए मां जैसी रही हैं, उन्होंने भी कभी मेरे साथ भेदभाव नहीं किया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में दूसरे पायदान के नेतृत्व ने उन्हें ‘‘व्यवस्थित ढंग से किनारे कर दिया और यह बहुत साफ दिखाई देता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं लोकसभा की चर्चाओं में भाग लेना चाहता था, जो पार्टी के भीतर तय होता है, तो मुझे कभी मौका नहीं मिला। अगर मुझे मौका दिया भी गया तो मेरा नाम सूची में सबसे नीचे होता था और इस तरह मुझे बोलने का समय नहीं मिल पाता था या सिर्फ दो मिनट मिलते थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब व्यवस्थित ढंग से हो रहा था।
बोरदोलोई ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण थे लेकिन अंतिम चोट तब लगी जब 2025 में राज्य में पंचायत चुनावों के दौरान उन पर हमला किया गया।