सिंगरौली परियोजना को अदालतों से तवज्जो मिलने की उम्मीद: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-05-2026
Hope for Singrauli project to get attention from courts: Congress
Hope for Singrauli project to get attention from courts: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अदाणी समूह की कोयला ब्लॉक परियोजना से जुड़े मामले को उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय से पूरी संवेदनशीलता के साथ तवज्जो मिलती रहेगी।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के बावजूद इस परियोजना को मिली पर्यावरण संबंधी मंजूरी को चुनौती देने का रास्ता बंद नहीं हुआ है।
 
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मई 2025 में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के अत्यंत घने जंगलों में कोयला खनन के लिए ‘मोदानी’ साम्राज्य के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इसमें शामिल क्षेत्र लगभग 7,000 एकड़ है और जंगल और हाथियों के गलियारे होने के कारण इसमें ‘नो गो’ क्षेत्र का काफी हिस्सा है। लेकिन अब छह लाख से अधिक पेड़ काटे जाएंगे।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘इस मंजूरी को पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चुनौती दी थी। अप्रैल 2026 में, एनजीटी ने फैसला सुनाया कि चुनौती देर से दी गई थी और याचिकाकर्ताओं को पहले एनजीटी से संपर्क करना चाहिए था। इस देरी के परिणामस्वरूप, एनजीटी ने ठोस आधार पर चुनौती पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।’’
 
उन्होंने कहा कि इसके बाद एनजीटी के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई और 21 मई, 2026 को उच्चतम न्यायालय ने चुनौती दायर करने में देरी के सवाल पर दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ताओं को चुनौती वापस लेने और कानून के तहत उपलब्ध अन्य उचित उपायों को अपनाने की अनुमति दी।
 
रमेश ने कहा कि इसका मतलब यह है कि यह मुद्दा चुनौती के लिए खुला है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘यह आशा की जानी चाहिए कि इस तरह के मामले, जिसमें महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और सार्वजनिक हित की चिंताएं शामिल हैं, को उच्च न्यायालय और निश्चित रूप से उच्चतम न्यायालय से संवेदनशीलता, छानबीन और तात्कालिकता को लेकर तवज्जो मिलती रहेगी, जिसने हाल में अरावली मुद्दे पर खुद की साख बढ़ाई है।’’