बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, अमित मालवीय का अंतरिम सरकार पर तीखा हमला

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 13-01-2026
Hindu youth murdered in Bangladesh; Amit Malviya launches scathing attack on the interim government.
Hindu youth murdered in Bangladesh; Amit Malviya launches scathing attack on the interim government.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है। फेनी जिले के दागनभुइयां उपज़िला के निवासी 28 वर्षीय शौमिर कुमार दास की 11 जनवरी को बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

फेनी के पुलिस अधीक्षक शफीकुल इस्लाम के अनुसार, शौमिर कुमार दास रविवार रात करीब 8 बजे अपने ऑटो-रिक्शा के साथ घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। देर रात करीब 2 बजे उनका शव बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है।

इस घटना को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों—ईसाइयों और बौद्धों—पर लगातार हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने में पूरी तरह विफल रही है।

मालवीय ने कहा कि अंतरिम सरकार ने न केवल अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, बल्कि पीड़ित परिवारों को सांत्वना तक नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने इन हमलों को “काल्पनिक” बताकर खारिज किया है, जो बेहद चिंताजनक संदेश देता है।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि हमलावरों ने शौमिर दास की हत्या के साथ-साथ उनका ऑटो-रिक्शा भी लूट लिया, जो उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था। उन्होंने इसे बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी कथित उत्पीड़न का उदाहरण बताया और इसे “अलोकतांत्रिक यूनुस शासन” के दौर से जोड़ा।

इसके अलावा, अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे 2026 में दोबारा सत्ता में आती हैं, तो राज्य में हिंदू बंगालियों की स्थिति और भी खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ हालिया घटनाओं के “खून के धब्बे अभी सूखे भी नहीं हैं।”

यह मामला एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।