शिमला (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला को रामपुर और किन्नौर से जोड़ने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मनाली, पालमपुर, हमीरपुर और चंबा सहित कई अन्य जगहों तक हवाई संपर्क (एयर कनेक्टिविटी) बढ़ाने के लिए काम कर रही है। शिमला के संजौली हेलीपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि इन सेवाओं से दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं तक जल्दी पहुंचना आसान हो जाएगा।
सुक्खू ने बताया, "हाल ही में जब मैं रामपुर गया था, तो लोगों ने मुझे बताया कि हेलीपैड तो तैयार है, लेकिन उड़ानें शुरू नहीं हुई हैं। मैंने यह मामला केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के सामने उठाया। हमने 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (VGF) में राज्य का हिस्सा मंजूर कर दिया है, जिसके बाद अब तीन दिन की नियमित उड़ान सेवा शुरू कर दी गई है।" उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर रामपुर जाएगा और फिर वहां से रेकोंग पियो की ओर जाएगा, जिससे यात्री इस नई सेवा के जरिए जनजातीय क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी मिलेगी।"
सुक्खू ने कहा कि सरकार अगले तीन-चार महीनों में हमीरपुर, चंबा और पालमपुर के लिए हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावित रूटों को चालू करने के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिमला से चंडीगढ़ के बीच एक बड़ा हेलीकॉप्टर चलाने की संभावना तलाश रही है, क्योंकि शिमला में हवाई अड्डे के लिए उपयुक्त जमीन मिलना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, "हम चंडीगढ़ और शिमला के बीच कनेक्टिविटी के लिए 17 सीटों वाले हेलीकॉप्टर पर विचार कर रहे हैं। हम हिमाचल प्रदेश के हर कोने को हेलीकॉप्टर सेवाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के समय हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी बहुत मददगार साबित हो सकती है, जिससे मरीजों को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सोलन और सिरमौर सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों में हेलीपैड विकसित कर रही है। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार पर, सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए लगभग 2,400 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विस्तार के बाद, यह हवाई अड्डा हेलीकॉप्टर सेवाओं के जरिए जिला मुख्यालयों को जोड़ने का एक मुख्य केंद्र (हब) बन जाएगा।
पवन हंस के कार्यकारी निदेशक (मार्केटिंग) मनीष रोकाडे ने ANI से बातचीत में बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत चंडीगढ़ को संजौली (शिमला) से जोड़ने के साथ होगी। इसके बाद इसे रामपुर और रेकोंग पियो तक बढ़ाया जाएगा, और मनाली को भी इससे जोड़ने की योजना है। रोकाडे ने कहा, "हम चंडीगढ़ को संजौली से और संजौली को रामपुर से जोड़ रहे हैं। इसके बाद हम इसे रेकोंग पियो और फिर मनाली से जोड़ेंगे।"
उन्होंने बताया कि रेकोंग पियो और मनाली के लिए सेवाएं हफ्ते में तीन बार चलेंगी। उन्होंने कहा कि मनाली तक कनेक्टिविटी जुड़ने से पर्यटकों के लिए वहां पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा, "पर्यटक यहां से एक घंटे के भीतर मनाली पहुंच सकेंगे। मनाली का किराया लगभग 6,000 रुपये और रामपुर का किराया लगभग 4,000 रुपये होगा।"
रोकाडे ने बताया कि पवन हंस, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत भारत सरकार का एक उपक्रम है और ये सेवाएं कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित ये हेलीकॉप्टर रूट, केंद्र की 'उड़ान' (UDAN) योजना के तहत चलने वाली सेवाओं से अलग हैं। कंपनी, राज्य सरकार के साथ 26 सीटों वाले MI-172 हेलीकॉप्टर के संचालन को लेकर भी बातचीत कर रही है।
शिमला जिला पर्यटन विकास अधिकारी जगदीश शर्मा ने ANI से बातचीत में बताया कि यह नई सेवा शिमला, रामपुर और रेकोंग पियो के बीच सीधी हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसके तहत सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को, यानी हफ्ते में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी।
शर्मा ने बताया कि शिमला से रामपुर का किराया लगभग 3,642 रुपये होगा, जबकि रामपुर से रेकोंग पियो का किराया लगभग 4,200 रुपये होगा। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर पहले रामपुर जाएगा और फिर वहां से रेकोंग पियो के लिए उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि इस सेवा से पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और इस क्षेत्र में जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े लोगों को फायदा होगा। शर्मा ने कहा, "पहले सड़क मार्ग से रेकोंग पियो पहुंचने में लगभग नौ घंटे लगते थे। हेलीकॉप्टर सेवा से यात्री लगभग 40 मिनट में वहां पहुंच सकेंगे।"
उन्होंने कहा कि यह सेवा मेडिकल इमरजेंसी (चिकित्सा आपातकाल) के समय भी बहुत काम आएगी और चंडीगढ़ तथा हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। शर्मा ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही चंडीगढ़ और शिमला के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू कर दी थी, और बाद में इसे कुल्लू, मनाली और मंडी तक बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि ये नए रूट पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के राज्य के प्रयासों को और मजबूत करेंगे। उम्मीद है कि पहाड़ी राज्य में सड़क यात्रा के मुकाबले हेलीकॉप्टर सेवा एक तेज़ विकल्प साबित होगी, खासकर पर्यटकों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए।