आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के विभिन्न हिस्सों में रात भर हुई भारी बारिश शनिवार सुबह भी जारी रही, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए, घरों को नुकसान पहुंचा और राज्य के कुछ हिस्सों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
अग्निशमन और बचाव सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि त्रिशूर के मनालूर में एक पेड़ अस्थायी शेड पर गिर गया, जिससे उसके नीचे सो रहे 29 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज पांच जिलों - मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा, राज्य के छह जिलों - पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ - के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शेष तीन जिलों में दिन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया।
‘रेड अलर्ट’ को देखते हुए वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड जिलों में आज के दिन पर्यटक ट्रेकिंग स्थलों में प्रवेश, पहाड़ी सड़कों पर रात्रि यात्रा और खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में शनिवार को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
आईएमडी ने यह भी कहा कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून मध्य-पश्चिमी और मध्य-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी पहुंच चुका है।
मौसम विभाग ने कहा कि उत्तरी केरल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण छह जून को कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिलों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है।
उसने कहा कि छह से नौ जून तक केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
आईएमडी ने यह भी कहा कि छह से 10 जून तक केरल में गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।