चंडीगढ़
हरियाणा में Indian National Congress ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने पांच विधायकों को प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के बाद की गई है।
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष Rao Narender Singh ने बताया कि संगठनात्मक अनुशासन का गंभीर उल्लंघन करते हुए इन विधायकों पर यह कार्रवाई राज्य अनुशासन समिति की सिफारिश और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge की मंजूरी के बाद की गई है।
निलंबित किए गए विधायकों में नांगल विधायक शाली चौधरी, सढौरा विधायक रेनू बाला, पुनहाना विधायक मोहम्मद इलियास, हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल और रतिया विधायक जर्नैल सिंह शामिल हैं। पार्टी का आरोप है कि इन्होंने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर वोटिंग की।
कांग्रेस की राज्य अनुशासन समिति (DAC) के अध्यक्ष धरमपाल मलिक ने बताया कि समिति ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार की और पार्टी नेतृत्व को अपनी सिफारिश भेजी। रिपोर्ट में कहा गया कि इन विधायकों ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतपाल नंदल के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी।
समिति ने यह भी बताया कि सभी विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उनके जवाबों का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया। इससे पहले कांग्रेस ने इन पांचों विधायकों को नोटिस जारी कर पार्टी विरोधी गतिविधियों पर स्पष्टीकरण मांगा था।
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को हुए थे, जिसमें दो सीटों के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने दूसरी सीट पर कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की।
हालांकि, कथित क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो गई थी, जिससे पार्टी को अपेक्षित जीत में मुश्किलें आईं। मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वोट भी अमान्य घोषित किए गए थे।
निलंबित विधायकों—शाली चौधरी, रेनू बाला और जर्नैल सिंह—ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उनके वोट पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में थे और उन्हें गलत तरीके से विवाद में घसीटा जा रहा है। इनमें से तीन विधायकों ने कारण बताओ नोटिस का जवाब भी दिया था।पार्टी ने इस कार्रवाई को संगठन अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।