आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हरियाणा में पिछले साल स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत लगभग 3,730 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 6,801 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह राज्य की सबसे कड़ी कार्रवाई का प्रतीक है।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने शनिवार को यहां बताया कि 2020 से 2025 तक राज्य में एनडीपीएस कानून के तहत 20,519 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 35,207 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने दावा किया कि इस निरंतर कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र के मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल तस्करों को कड़ा संदेश दिया है और प्रवर्तन के आंकड़े साल दर साल लगातार बढ़ रहे हैं।
पिछले साल गिरफ्तारियां कई राज्यों में हुईं, जिनमें सबसे अधिक 169 गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश से हुईं, उसके बाद पंजाब से 147, राजस्थान से 64 और दिल्ली से 45 गिरफ्तारियां की गईं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हरियाणा प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों में 26 नाइजीरियाई, छह नेपाली और एक सेनेगल (अफ्रीका) का नागरिक शामिल हैं।
सुमिता मिश्रा ने बताया कि अकेले पिछले वर्ष प्रशासन ने एनडीपीएस के व्यावसायिक 457 मामले दर्ज किए और 1,227 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक वार्षिक आंकड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने 55.84 किलोग्राम हेरोइन जब्त की, जो इस मादक पदार्थ की एक वर्ष में जब्त की गई अब तक की सबसे अधिक मात्रा है।
उन्होंने बताया कि अकेले 2025 में 143 आरोपियों की 13.59 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जबकि 2023 और 2024 में क्रमशः 61 और 54 व्यक्तियों से 13.27 करोड़ रुपये और 7.55 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।