गुवाहाटी होटल गोलीकांड का आरोपी घनकांत गोगोई मारा गया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-11-2026
Guwahati hotel shooting prime accused Ghanakanta Gogoi killed; victim's daughter says 'we have got justice'
Guwahati hotel shooting prime accused Ghanakanta Gogoi killed; victim's daughter says 'we have got justice'

 

बरपेटा (असम)

गुवाहाटी के होटल 'बिलास इन' में 26 अक्टूबर को हुई गोलीबारी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई थी, के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई को बुधवार तड़के असम के शिवसागर जिले में एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि वह एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए, होटल के सह-मालिक रहे दिवंगत भुदेव भारली की बेटी अंकिता भारली ने राहत जताई कि न्याय मिल गया है। साथ ही, उन्होंने पुलिस से अपील की कि इस अपराध में मदद करने या बढ़ावा देने वाले अन्य लोगों का भी पर्दाफाश किया जाए और उन्हें सजा दी जाए।
 
अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ गुवाहाटी से लगभग 350 किमी दूर गौरीसागर पुलिस थाना क्षेत्र के फूलपानीचिगा में तड़के करीब 3:12 बजे हुई। उस समय शिवसागर पुलिस की एक टीम 34 वर्षीय आरोपी को 2024 के एक अलग बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में ले जा रही थी। शिवसागर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पापोरी चेतिया ने बताया, "जब टीम गौरीसागर पहुंची, तो उसने कहा कि उसे शौच के लिए जाना है। गाड़ी से उतरने के बाद, उसने जांच अधिकारी की सर्विस पिस्तौल छीनने की कोशिश की। इस दौरान हाथापाई हो गई।"
 
SSP चेतिया ने आगे बताया, "इस बीच, एक अन्य पुलिसकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारी की सुरक्षा के लिए अपनी सर्विस पिस्तौल से गोली चलाई, जिससे गोगोई घायल हो गया। उसे शिवसागर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमारे एक अधिकारी को भी चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"
हाथापाई के दौरान जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा के दाहिने पैर में चोट आई है, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, फोरेंसिक टीमों ने मुठभेड़ स्थल की जांच की।
 
बुधवार सुबह गोगोई की मौत की खबर मिलने के बाद, अंकिता भारली ने ANI से बातचीत में कहा कि इस घटना से शोक संतप्त परिवार को कुछ हद तक सुकून मिला है। उन्होंने कहा कि अभी तो दिवंगत आत्माओं की याद में जलाया गया दीपक भी नहीं बुझा था कि उन्हें न्याय मिल गया। अंकिता भराली ने ANI को बताया, "आज सुबह हमें खबर मिली कि जिस अपराधी ने बिना किसी वजह के मेरे पिता, मेरी बुआ, मेरे भाई और मेरी भाभी की हत्या कर दी थी, उसका भी आज वैसा ही अंत हो गया है। इतने गहरे दुख के बीच भी, इससे हमें कुछ शांति मिली है। हमारे परिवार की याद में जलाया गया दीपक बुझने से पहले ही, वह मारा गया। पहले, जब भी हम उसे समाचारों में देखते थे, तो हमें बहुत तकलीफ होती थी कि उसने हमारे परिवार वालों को बिना किसी गलती के मार डाला, जबकि ऐसा करने के लिए कोई बड़ी वजह भी नहीं थी।"
 
उन्होंने असम के लोगों, मीडियाकर्मियों, ईश्वर, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पुलिस बल का धन्यवाद किया कि वे इस दुखी परिवार के साथ खड़े रहे और जांच में "दिन-रात" काम किया। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसी बड़ी साजिश या आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी रखें।
 
उन्होंने आगे कहा, "मैं हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी और सभी पुलिसकर्मियों को दिल से धन्यवाद देती हूं। जांच का एक बड़ा हिस्सा अभी भी चल रहा है। उसके पीछे और कौन है, किसने उसे हत्या करने के लिए उकसाया, या किसने उसका साथ दिया - इन सब बातों का पता लगाया जाना चाहिए और उन लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए। एनकाउंटर चाहे किसी भी वजह से हुआ हो - चाहे उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की वजह से या किसी और कारण से - हमें न्याय मिल गया है और आज हमें शांति मिली है। पुलिस को इस अपराध में शामिल सभी लोगों और इन लोगों द्वारा किए गए अन्य सभी अपराधों की जांच जारी रखनी चाहिए, और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें भी सजा मिले।"
 
यह एनकाउंटर मंगलवार, 3 नवंबर को हुआ, जब गुवाहाटी पुलिस के साथ गोगोई की सात दिन की रिमांड पूरी हो गई थी। 2 नवंबर को होटल में अपराध स्थल के पुनर्निर्माण (क्राइम-सीन रिकंस्ट्रक्शन) के बाद, गोगोई को कामरूप (मेट्रो) के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की और रिमांड की मांग को खारिज कर दिया और गोगोई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद, वाहन ऋण धोखाधड़ी (vehicle loan fraud) के एक लंबित मामले के सिलसिले में, शिवसागर पुलिस ने ट्रांजिट वारंट पर उसे अपनी हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को गुवाहाटी में अपनी पहली पेशी के दौरान, गोगोई के वकील ने पुलिस एनकाउंटर की आशंका जताई थी। इसके बाद CJM कोर्ट ने आदेश दिया कि गोगोई की सात दिन की गुवाहाटी पुलिस कस्टडी के दौरान, पूरी प्रक्रिया की निगरानी DSP रैंक के अधिकारी करेंगे और रात के समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी जाएगी।
 
सुरक्षा के इन निर्देशों की पीड़ितों के परिवारों ने कड़ी आलोचना की। अंकिता भारली ने आरोपी को मिल रहे "राजा जैसे बर्ताव और सुरक्षा" पर सवाल उठाए और मांग की कि या तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाए या उसे मौत की सजा दी जाए। 26 अक्टूबर की रात, गुवाहाटी के होटल बिलास इन में पांच लोगों - प्रॉपर्टी मालकिन हेलेना भारली (58), उनके बड़े भाई भूदेव भारली (65), बेटे देबर्षि कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और परिवार के करीबी नारायण दास (48) - की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, परिवार के ड्राइवर सत्येंद्र पाठक को भी गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए।
 
गुवाहाटी पुलिस ने हमले के एक घंटे के भीतर ही गोगोई को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, यह गोलीबारी लीज और किराए को लेकर चल रहे बढ़ते विवाद का नतीजा थी।