गुजरात में छह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के लिए 1.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-07-2026
Gujarat attracts Rs 1.24 lakh crore investment across six semiconductor projects, over 50,000 jobs expected
Gujarat attracts Rs 1.24 lakh crore investment across six semiconductor projects, over 50,000 jobs expected

 

गांधीनगर (गुजरात) 
 
'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) के तहत मंज़ूर किए गए छह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में गुजरात ने लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। इन प्रोजेक्ट्स से 50,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। गुजरात देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने इस सेक्टर को व्यापक समर्थन देने वाली एक समर्पित सेमीकंडक्टर पॉलिसी शुरू की है, और इसके बाद यह भारत का प्रमुख सेमीकंडक्टर हब बनकर उभरा है।
 
एक विज्ञप्ति के अनुसार, 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत गुजरात में मंज़ूर किए गए छह सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं। माइक्रोन टेक्नोलॉजी और केन्स सेमीकॉन ने पहले ही साणंद GIDC में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधाएं स्थापित कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस साल की शुरुआत में उद्घाटन की गई ये दोनों सुविधाएं अब चालू हो गई हैं। इन निवेशों का उद्देश्य भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमताओं को मज़बूत करना और 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने के केंद्र के विज़न के अनुरूप आयात पर निर्भरता कम करना है।
 
विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि सीजी सेमी 5 जुलाई से अपनी OSAT सुविधा में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करेगा, जो गुजरात के सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम में एक और मील का पत्थर साबित होगा। सुची सेमीकॉन का पायलट OSAT प्लांट पहले से ही सूरत में चालू है, जबकि इसकी पूर्ण-स्तरीय OSAT सुविधा को भी 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत मंज़ूरी मिल गई है।
 
इस बीच, धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) सुविधा निर्माण के उन्नत चरण में है और इसके भारत की पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर फाउंड्री बनने की उम्मीद है। क्रिस्टल मैट्रिक्स को भी धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में देश की पहली कमर्शियल मिनी- और माइक्रो-LED डिस्प्ले फैब्रिकेशन और पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के लिए मिशन के तहत मंज़ूरी मिल गई है, और जल्द ही इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
 
मंज़ूर किए गए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के अलावा, सहायक उद्योगों और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से गुजरात में एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेज़ी से आकार ले रहा है। कई वैश्विक और घरेलू कंपनियों ने पहले ही राज्य में अपना कामकाज शुरू कर दिया है या ऐसा करने की योजना की घोषणा की है, जिनमें लिंडे, ताइवान की TSMT, जापान की TNSI, फुजीफिल्म, निप्पॉन एक्सप्रेस, जर्मनी की इनफिनियन टेक्नोलॉजीज, मलेशिया की होटायी आदि शामिल हैं। उनकी मौजूदगी से एक ऐसा इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनाने में मदद मिल रही है जो बड़े पैमाने पर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग का काम संभाल सकता है।
 
गुजरात इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी, जो भारत सरकार की SPECS (इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर्स को बढ़ावा देने की योजना) के अनुरूप है, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन को सपोर्ट करके इस इकोसिस्टम को और मजबूत बनाती है। इसमें कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग सुविधाओं के साथ-साथ इस सेक्टर के लिए जरूरी मटीरियल सप्लायर, इक्विपमेंट प्रोवाइडर और अल्ट्रा-हाई प्योरिटी गैसों व खास केमिकल्स के मैन्युफैक्चरर शामिल हैं।
 
खास बात यह है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हाल ही में ISM 2.0 के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे भारत की सेमीकंडक्टर क्षमताएं और बढ़ेंगी और सेक्टर की ग्रोथ में तेजी आएगी। फाइनेंशियल इंसेंटिव, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट, 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' पहल, इकोसिस्टम बनाने के उपायों और पारदर्शी गवर्नेंस के जरिए गुजरात का लक्ष्य एक ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव सेमीकंडक्टर हब के तौर पर उभरना है, जो नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन के लक्ष्यों में अहम योगदान देगा।