Granting bail in RG Tax case does not prove Sandip Ghosh innocent: Samik Bhattacharya
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष को जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि वह निर्दोष साबित हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि कानून भावनाओं के आधार पर नहीं चलता।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में कथित वित्तीय अनियमितताओं और अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए मेरिट अंकों में हेरफेर से जुड़े मामले में घोष को जमानत दे दी थी।
घोष, नौ अगस्त 2024 को अस्पताल में दुष्कर्म के बाद एक महिला चिकित्सक की हत्या की घटना के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच चर्चा में आए थे।
भट्टाचार्य ने चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, “अभया’ आंदोलन से जुड़े लोग निराश हो रहे हैं। लेकिन कानून भावनाओं के आधार पर नहीं चलता। जमानत पाना भी किसी व्यक्ति का कानूनी अधिकार है।”
उन्होंने कहा कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि घोष निर्दोष हैं या अपराध से उनका कोई संबंध नहीं है।
भट्टाचार्य ने कहा, “सिर्फ जमानत मिलने से यह साबित नहीं हो जाता कि वह निर्दोष हैं या उनका अपराध से कोई संबंध नहीं है। जनता की अदालत में यह साबित हो चुका है कि वह इसमें शामिल थे।”
उन्होंने कहा कि जमानत दिए जाने के पीछे कानूनी और तकनीकी पहलुओं की भी भूमिका हो सकती है।
उच्चतम न्यायालय ने घोष को राहत देते हुए हिरासत में बिताए उनके लगभग दो साल और मुकदमे की धीमी प्रगति का उल्लेख किया था।