Grand Event "My Country, My Identity" Held in Ajmer; Conveys Message of Peace and Brotherhood
आवाज द वायस/ नई दिल्ली
जवाहर रंगमंच, अजमेर में मंगलवार को “मेरा मुल्क मेरी पहचान” कार्यक्रम का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल द्वारा किया गया, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारी भीड़ के चलते सभागार पूरी तरह खचाखच भर गया और पूरा परिसर “मेरा मुल्क मेरी पहचान” के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश में शांति, भाईचारा, इंसानियत, राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देना था। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक एक मंच पर एकत्र हुए और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि “हमारा मुल्क ही हमारी असली पहचान है” तथा सभी धर्म प्रेम, शांति और इंसानियत का संदेश देते हैं। समाज में बढ़ती नफरत और कट्टरता के खिलाफ मिलजुलकर कार्य करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख हजरत दीवान सैयद जैनुल आबेदीन साहब, हजरत सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती, महंत श्याम सुंदर जी, बौद्ध भंते चंद्रपानी जी, ग्रंथी सुखजिंदर सिंह जी, बिशप ऑस्टवाल्ड लुईस सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों का भी विशेष सहयोग रहा।
आयोजकों ने कहा कि अजमेर की पावन धरती से एक बार फिर अमन, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश पूरे देश तक पहुंचाया गया है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, धर्मगुरुओं, प्रशासनिक अधिकारियों और आमजन का आभार व्यक्त किया गया।
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से “मेरा मुल्क मेरी पहचान” कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का मजबूत संदेश बनकर उभरा है।
“एकता • सद्भाव • शांति — यही हमारी पहचान है।”