Government to bear entire cost of expensive certification for micro, small exporters under EPM: Goyal
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत सूक्ष्म और छोटे उद्यमों के महंगे प्रमाणन का पूरा खर्च उठाने को तैयार है। उन्होंने मौजूदा और नए निर्यातकों से वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय से संपर्क करने का आग्रह किया।
सरकार ने पिछले साल नवंबर में छह वित्त वर्षों के लिए 25,060 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस मिशन को मंजूरी दी थी। इस मिशन को दो उप-योजनाओं के जरिये लागू किया जा रहा है। इनमें ‘निर्यात प्रोत्साहन’ के लिए 10,401 करोड़ रुपये और ‘निर्यात दिशा’ के लिए 14,659 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मिशन के तहत हम दुनिया में कहीं भी निर्यात करने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति की मदद करने को तैयार हैं। हम उन्हें सहायता देंगे। सूक्ष्म और छोटे उद्यमों के मामले में हम प्रमाणन का पूरा खर्च उठाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, यदि कोई प्रमाणन या प्रक्रिया बहुत महंगी है, तो उसका खर्च भी हम उठाने को तैयार हैं।’’
गोयल ने सभी उत्पाद श्रेणियों और क्षेत्रों के मौजूदा तथा नए निर्यातकों से प्रमाणन संबंधी सहायता के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) से संपर्क करने का आग्रह किया।