आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार देश में करीब 25 गीगावाट क्षमता वाली पुरानी पवन ऊर्जा परियोजनाओं को नए सिरे से विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
जोशी ने पवन ऊर्जा पर आयोजित आठवें विंडर्जी इंडिया 2026 सम्मेलन में कहा, ‘‘ये परियोजनाएं अपने जीवनकाल के अंत के करीब पहुंच रही हैं। इनके उपकरण पुराने हो रहे हैं, इसलिए हम इन्हें फिर से विकसित करने पर काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी पवन ऊर्जा परियोजनाओं की क्षमता करीब 25 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) होगी। हालांकि, उन्होंने इनके स्थान समेत विस्तार से कोई अन्य जानकारी नहीं दी।
तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में अग्रणी राज्य है।
जोशी ने कहा कि भारत में करीब 59 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता परिचालन में है और देश 2030 तक 100 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।