आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गाजा के मामले में नरेन्द्र मोदी सरकार की "निरंतर चुप्पी" पर सवाल उठाते हुए शनिवार को कहा कि भारत को फलस्तीनियों के समर्थन में स्पष्ट और मुखर रुख अपनाना चाहिए तथा गाजा और वेस्ट बैंक में हो रही घटनाओं पर वैश्विक जनमत के अनुरूप प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
सोनिया ने एक अंग्रेजी दैनिक के लिये लिखे लेख में संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि गाजा में बच्चों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है और वहां की मानवीय स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है।
उनका कहना है कि हजारों बच्चों की मौत और तबाही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि गाजा में फलस्तीनियों के विरुद्ध इज़राइली शासन नरसंहार कर रहा है। जून 2026 में, इसी आयोग ने मार्मिक ढंग से इस बात को दोहराया कि इजराइल की कार्रवाइयों का उद्देश्य गाजा में फलस्तीनियों के अस्तित्व को ही समाप्त करना है और इसके लिए उनके बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है।"
इस आयोग की अध्यक्षता अब प्रतिष्ठित भारतीय न्यायविद न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर (सेवानिवृत्त) कर रहे हैं,
सोनिया गांधी के अनुसार, 94 पृष्ठों की यह रिपोर्ट पढ़ना अत्यंत पीड़ादायक है।