गुवाहाटी
असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। Gaurav Gogoi, जो Assam Pradesh Congress Committee (APCC) के अध्यक्ष हैं, ने जोरहाट विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके समर्थकों ने भव्य रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
नामांकन दाखिल करने से पहले गौरव गोगोई ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री Tarun Gogoi को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने दादा-दादी को भी याद करते हुए सार्वजनिक जीवन में उनके आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दोहराया।
गौरव गोगोई ने साम्प्रदायिक सौहार्द और एकता का संदेश देते हुए जोरहाट में गुरुद्वारा, मंदिर, नामघर, मस्जिद और चर्च का दौरा कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने सभी समुदायों के बीच भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने की अपील की।
जोरहाट जिले की अन्य सीटों से भी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। तिताबोर से प्रण कुर्मी और तेओक से पल्लबी सैकिया ने भी अपने पर्चे भरे। मीडिया से बातचीत में गोगोई ने AGP, रायजोर दल और कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं।
तिताबोर के विधायक भास्करज्योति बरुआ के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर गोगोई ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और उम्मीद जताई कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि पार्टी के हित में आगे भी संवाद जारी रहेगा।
गौरव गोगोई ने चुनावी मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि अंतिम फैसला जनता के हाथ में है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है।
इसके अलावा, मंत्री नंदिता गरलोसा को भाजपा टिकट न मिलने पर भी गोगोई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरलोसा को इसलिए किनारे किया गया क्योंकि उन्होंने दीमा हसाओ में जमीन आवंटन के मुद्दे पर बड़े कॉर्पोरेट घरानों का विरोध किया था।
इस बीच, दिसपुर, न्यू गुवाहाटी और जलुकबाड़ी सीटों से भी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। Jitendra Singh ने कहा कि जनता अब भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ जागरूक हो चुकी है और 2026 में नई सरकार बनाने का मन बना चुकी है।