पश्चिम एशिया संकट: सरकार ने निर्यातकों के लिए 'आरओडीटीईपी' लाभ पूरी तरह बहाल किए

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-03-2026
West Asia crisis: Government fully restores RoDTEP benefits for exporters
West Asia crisis: Government fully restores RoDTEP benefits for exporters

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
सरकार ने सोमवार को निर्यातकों के लिए 'निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट' (आरओडीटीईपी) योजना के लाभ पूरी तरह बहाल कर दिया। यह फैसला पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक व्यापार में आ रही बाधाओं को देखते हुए लिया गया है।
 
सरकार ने पिछले महीने आरओडीटीईपी योजना के तहत शुल्क लाभ की दरों को आधा कर दिया था। निर्यातक समुदाय ने इस पर निराशा जताई थी और फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी।
 
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘22 फरवरी, 2026 तक लागू आरओडीटीईपी दरें और मूल्य सीमा, सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए 23 फरवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक फिर से बहाल की जाती हैं।"
 
वर्ष 2021 में शुरू की गई आरओडीटीईपी योजना के तहत निर्यातकों को उन करों और शुल्कों की वापसी का प्रावधान है, जो माल बनाने और उसके वितरण के दौरान लगते हैं और केंद्र, राज्य या स्थानीय स्तर पर किसी अन्य व्यवस्था के तहत वापस नहीं मिलते।
 
इस योजना के तहत शुल्क वापसी की दर 0.3 प्रतिशत से 3.9 प्रतिशत के बीच है। यह योजना इस साल मार्च तक प्रभावी थी।
 
योजना के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में 18,232 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 21,709 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव था, लेकिन वास्तविक आवंटन 10,000 करोड़ रुपये रहा।
 
निर्यातकों को पहले से ही ऊंचे अमेरिकी शुल्क की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। अब वे पिछले महीने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट से जूझ रहे हैं। इस संघर्ष के कारण समुद्री और हवाई माल ढुलाई की दरें बढ़ गई हैं और बीमा प्रीमियम में भी बढ़ोतरी हो रही है।