Forced conversions a threat to national security, Sumer Singh Solanki demands a central law
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कड़े केंद्रीय कानून की मांग करते हुए शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है और आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान पर इसका असर पड़ रहा है।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए सोलंकी ने कहा कि संविधान धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन धोखे, दबाव और लालच के जरिए किया गया धर्मांतरण कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टि से अपराध है।
उन्होंने कहा, “इस प्रकार के धर्मांतरण हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।”
सांसद ने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय की पहचान सनातन धर्म की संस्कृति और परंपराओं में निहित है, लेकिन इस समुदाय को डर, दबाव और धमकी; रोजगार, चिकित्सा और शिक्षा के प्रलोभन; नशा, अंधविश्वास और भ्रामक जानकारी; अशिक्षा और गरीबी ; तथा फर्जी विवाह जैसे माध्यमों से निशाना बनाया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संगठित और सामूहिक धर्मांतरण संगठित अपराध की श्रेणी में आते हैं।