नई दिल्ली
पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली धमाका मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच की अवधि बढ़ा दी है। NIA ने जांच पूरी करने के लिए 45 दिनों की और मोहलत मांगी थी। इससे पहले, कोर्ट ने 13 फरवरी को भी जांच की अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ाई थी। NIA के आवेदन पर विचार करने के बाद, विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा ने जांच पूरी करने के लिए 45 दिनों का और समय दिया। NIA की ओर से विशेष लोक अभियोजक (SPP) माधव खुराना पेश हुए और उन्होंने जांच की अवधि बढ़ाने की गुहार लगाई। जांच की अवधि बढ़ाने के लिए अभियोजक की रिपोर्ट के साथ एक आवेदन भी दायर किया गया था।
सोमवार को NIA ने अपने विशेष लोक अभियोजक (SPP) माधव खुराना के ज़रिए एक आवेदन दायर किया, जिसमें कुछ आरोपियों के संबंध में जांच पूरी करने के लिए जांच की अवधि और बढ़ाने की मांग की गई थी। इसमें कहा गया था कि ज़मीर अहमद अहंगर और तुफैल अहमद भट की नई गिरफ्तारी और मामले में सामने आए नए सबूतों को देखते हुए एजेंसी को मामले की जांच के लिए कुछ और समय की ज़रूरत है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 13 फरवरी को नवंबर 2025 के दिल्ली धमाका मामले में जांच पूरी करने के लिए जांच की अवधि 45 दिनों के लिए और बढ़ा दी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच पूरी करने के लिए 90 दिनों की मोहलत मांगी थी। कानून के मुताबिक, जांच की अवधि 180 दिनों तक बढ़ाई जा सकती है। जांच की मूल अवधि 90 दिन होती है। NIA को दूसरी बार यह मोहलत मिली है। 11 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में ज़ोरदार धमाका हुआ था। प्रधान ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने दिल्ली धमाका मामले में जांच पूरी करने के लिए NIA को 45 दिनों का और समय दिया था। इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई थी।
NIA की ओर से विशेष लोक अभियोजक (SPP) माधव खुराना पेश हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामले में सामने आए नए सबूतों के मद्देनज़र जांच पूरी करने के लिए एजेंसी को और समय की ज़रूरत है। उन्होंने जांच की अवधि 90 दिनों के लिए और बढ़ाने की गुहार लगाई। एडवोकेट एम.एस. खान, एडवोकेट राहुल साहनी के साथ, आरोपी डॉ. शाहीन सईद और उनके पति डॉ. मुज़म्मिल शकील की ओर से पेश हुए और उन्होंने हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग का विरोध किया।
उन्होंने दलील दी कि हिरासत की अवधि बढ़ाने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि जांच निर्धारित 90 दिनों की अवधि के भीतर ही पूरी कर ली गई है। NIA ने सबसे पहले 16 नवंबर, 2025 को आमिर राशिद मीर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद, अन्य आरोपियों - जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. मुज़म्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और सोएब - को अलग-अलग तारीखों पर गिरफ्तार किया गया।