आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है। शनिवार को Qatar में धमाकों की आवाज सुनी गई, जब Iran ने अपने ऊपर हुए कथित अमेरिका–इजराइल हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू की। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की तत्काल सूचना नहीं मिली है, लेकिन क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, ईरान ने पहले चरण में Israel को निशाना बनाया। उसने मिसाइलों और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी, जैसा कि वह पिछले कई महीनों से चेतावनी देता आ रहा था। ईरानी नेतृत्व पहले ही कह चुका था कि यदि उस पर सीधा हमला हुआ तो उसका जवाब “समान और निर्णायक” होगा।
इसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक Kuwait और कतर में स्थित अमेरिकी अड्डों की दिशा में हमले किए गए। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
खाड़ी देशों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया के साथ-साथ वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। कूटनीतिक स्तर पर शांति की अपीलें तेज हो गई हैं, लेकिन जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे दोनों पक्ष किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और क्या तनाव को बातचीत के जरिए कम किया जा सकता है।