बांधवगढ़ अभयारण्य में ढाई महीने में आठ बाघों की मौत: रिपोर्ट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 26-02-2026
Eight tigers have died in Bandhavgarh sanctuary in two and a half months: Report
Eight tigers have died in Bandhavgarh sanctuary in two and a half months: Report

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि बांधवगढ़ अभयारण्य में साल 2025 के आखिरी और 2026 के शुरुआती कुल ढाई महीने की अवधि की दौरान आठ बाघों की मौत हो गई। इनमें से चार बाघों की मौत करंट लगने से हुई।
 
बांधवगढ़ के क्षेत्र निदेशक द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि बाघ अभयारण्य के भीतर चार बाघों की मौत हुई है जबकि इतने ही बाघों ने ‘सामान्य वन क्षेत्र’ में अपनी जान गंवाई।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभयारण्य के भीतर सभी चार बाघों की मौत का कारण प्राकृतिक था, जबकि सामान्य वन क्षेत्र में बिजली के झटके से शेष चार की मौत हुई।
 
मध्यप्रदेश के जंगलों में संदिग्ध परिस्थितियों में बाघों की मौत का दावा करने वाली एक याचिका के जवाब में बुधवार को उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ में यह रिपोर्ट सौंपी गई।
 
अदालत ने याचिकाकर्ताओं को स्थिति रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 25 मार्च के लिए निर्धारित की।
 
रिपोर्ट के अनुसार, बांधवगढ़ अभयारण्य में 21 नवंबर, 2025 से इस साल दो फरवरी के बीच आठ बाघों की मौत हो गई।
 
इसमें कहा गया कि अभयारण्य के अंदर आपसी संघर्ष के कारण दो बाघों की मौत हो गई जबकि एक की मौत कुएं में डूबने से हुई और एक ने बीमारी के कारण दम तोड़ दिया।
 
रिपोर्ट में कहा गया कि वन क्षेत्र में बिजली का करंट लगने से चार बाघों की मौत हुई।
 
वन क्षेत्र के कोर और बफर जोन के अंदर बिजली लाइनों का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली के तारों को सुव्यवस्थित करने और अभयारण्य के संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण मानकों का पालन करने के लिए समय-समय पर बिजली विभाग को पत्र भेजे गए हैं।
 
रिपोर्ट में साथ ही गश्त के संबंध में भी जानकारी दी गई तथा सरकार ने मुख्य याचिका पर जवाब भी दाखिल किया।