Creation of 'Developed India 2047' is possible only through coordination of knowledge, innovation and culture: Devnani
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान, नवाचार और संस्कार के समन्वय से ही ‘विकसित भारत 2047’ का निर्माण संभव है।
देवनानी जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में बृहस्पतिवार को राजस्थान विज्ञान महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर शुरू इस तीन दिवसीय महोत्सव के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष देवनानी थे।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार, विज्ञान भारती राजस्थान तथा मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा नवाचार से जुड़े युवाओं की सहभागिता रही।
देवनानी ने कार्यक्रम की विषयवस्तु ‘विज्ञान में महिलाएं, विकसित भारत के लिए प्रेरक शक्ति’ पर विचार व्यक्त करते हुए कहा, ''भारतीय सनातन परम्परा में नारी को सृजन और ज्ञान की मूल शक्ति माना गया है।''
उन्होंने प्राचीन विदुषियों जैसे गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वेदों के समय से ही महिलाएं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की वाहक रही हैं।