आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मिस्र की एक अदालत ने देश के अंतिम स्वतंत्र समाचार माध्यमों में शामिल ‘मदा मस्र’ को बंद करने का आदेश दिया और इसके प्रधान संपादक को बिना लाइसेंस वेबसाइट चलाने का दोषी ठहराया।
मंगलवार को आए इस फैसले को देश में सिमटती प्रेस स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
समाचार पोर्टल ने बताया कि उसके संस्थापक और प्रधान संपादक लीना अत्ताल्लाह पर करीब 53,400 अमेरिकी डॉलर के बराबर जुर्माना लगाया गया है। फैसला सुनाए जाने के बाद न्यायाधीश ने जुर्माने का भुगतान होने तक उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया।
‘मदा मस्र’ मिस्र के उन गिने-चुने समाचार माध्यमों में शामिल है, जो भ्रष्टाचार, देश की शक्तिशाली सेना की बढ़ती भूमिका और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की पड़ताल के लिए जाना जाता है। देश में समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों पर अधिकारियों का कड़ा नियंत्रण है।
मंगलवार को सुनवाई से पहले ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अत्ताल्लाह के खिलाफ मुकदमे को स्वतंत्र मीडिया पर हो रहे ‘आक्रामक हमले’ में बढ़ोतरी करार दिया था।