आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कंपनियों में ऊर्जा बचाने, अपशिष्ट कम करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद करने वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में हरित कौशल वाले कर्मचारियों की भर्ती 31 प्रतिशत बढ़ गई है।
पेशेवर नेटवर्किंग मंच लिंक्डइन की ‘वैश्विक हरित कौशल रिपोर्ट 2026’ के मुताबिक, देश के कार्यबल में हरित कौशल वाले कर्मचारियों की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत बढ़ी है। इस तरह हरित कौशल वाले कर्मचारियों की मांग और उनकी उपलब्धता दोनों बढ़ रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में हरित कौशल वाले कर्मचारियों की एक बड़ी संख्या ऐसे पदों पर भर्ती हो रही है, जिनके पदनाम पारंपरिक रूप से पर्यावरण से नहीं जुड़े हैं। कंपनियां लागत घटाने, दक्षता बढ़ाने और पर्यावरण पर अपना प्रभाव कम करने में मदद करने वाले कर्मचारियों की तलाश कर रही हैं।
लिंक्डइन की मानव संसाधन प्रमुख (भारत) सुसैन मैथ्यू ने कहा, ‘‘देश में हरित करियर की शुरुआत का पर्यावरण से जुड़े पद के रूप में होना ही जरूरी नहीं है। नियोक्ता ऐसे लोगों को चाहते हैं जो परिचालन को अधिक सुरक्षित, कम खर्चीला और दक्ष बना सकें। इसके लिए स्थिरता से जुड़ी टीमों के अलावा अन्य विभागों में भी नियुक्तियां की जा रही हैं।’’
रिपोर्ट के मुताबिक, युवा कर्मचारी हरित करियर में विशेष रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन उनके लिए ऐसे अवसर तलाशना चुनौती बना हुआ है।