आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की नयी पनबिजली नीति-2025 का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इसे संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक कर दिया गया है।
विधानसभा में सदस्य जावेद इकबाल द्वारा छोटी नदियों के उपयोग और स्थानीय स्तर पर सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में अब्दुल्ला ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अतीत के अनुभवों और पिछली नीतियों के परिणामों के आधार पर 'जम्मू-कश्मीर पनबिजली नीति-2025' का मसौदा तैयार किया गया है। इसमें पड़ोसी राज्यों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को भी शामिल किया गया है।"
उन्होंने कहा कि मसौदे को विभिन्न पक्षों और आम जनता के सुझावों के लिए सार्वजनिक किया गया है। इन सुझावों पर विचार करने के बाद नीति को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देकर लघु जल विद्युत परियोजनाओं का विकास करना है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
प्रस्तावित नीति के तहत, परियोजनाओं का निर्माण करने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे व्यावसायिक परिचालन शुरू होने की एक निश्चित अवधि के बाद केंद्र शासित प्रदेश सरकार को मुफ्त बिजली या रॉयल्टी प्रदान करें।