Government cuts excise duty on petrol and diesel, windfall profit tax on fuel exports
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि इससे ईंधन के खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि कंपनियां इसका उपयोग कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत का भरपाई के लिए करेंगी।
इस कटौती से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाली उस वृद्धि को टाल दिया गया है जो पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि को देखते हुए आवश्यक हो गई थी।
बृहस्पतिवार देर रात जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। हालांकि, इस कटौती से पेट्रोल पंप पर कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि इसे तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए समायोजित किया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और विमान ईंधन (एटीएफ) पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क (विंडफॉल टैक्स) लगा दिया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद रिफाइनरी कंपनियों के ‘अप्रत्याशित लाभ’ पर लगाम लगाने के लिए जुलाई 2022 में पहली बार यह (विंडफॉल टैक्स) कर लगाया गया था, जिसे दिसंबर 2024 में हटा लिया गया था।
हालांकि, पिछली बार के विपरीत तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) जैसी घरेलू कच्चा तेल उत्पादक कंपनियों पर कोई अप्रत्याशित लाभ कर नहीं लगाया गया है।