आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने दावा किया है कि वर्तमान द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) शासन ने तमिलनाडु को 'मादक पदार्थों की तस्करी का केंद्र' बना दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में एम.के. स्टालिन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य गांजा तस्करी, अवैध शराब बिक्री और मादक पदार्थ माफिया का गढ़ बन गया है।
अन्नाद्रमुक के महासचिव ने दावा किया, "इस सरकार ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि राज्य में शायद ही कोई ऐसी जगह हो जहां गांजा न मिल रहा हो। खबरों के अनुसार, कॉलेज और स्कूली छात्र भी गांजा समेत नशीले पदार्थों का बेपरवाही से सेवन कर रहे हैं।"
पलानीस्वामी ने सोमवार रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य में बढ़ते अपराधों ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है कि क्या सत्ताधारी पार्टी और मुख्यमंत्री जनता की रक्षा कर पा रहे हैं या अपराधों में शामिल लोगों को ही संरक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "द्रमुक शासन के पिछले पांच वर्षों में लगभग 30 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई है। लोग स्पष्ट रूप से समझ रहे हैं कि द्रमुक शासन में कानून-व्यवस्था किस दिशा में जा रही है।"
पलानीस्वामी ने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि द्रमुक सरकार ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने जनता से "जनविरोधी शासन" को उखाड़ फेंकने की अपील की।