आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा मनाए गए ‘‘जश्न’’ को देखकर उन्हें ‘महाभारत’ की याद आ गई।
यहां प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा परेड ग्राउंड से घंटाघर तक निकाली गई ‘महिला जनाक्रोश पदयात्रा’ में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा में संख्याबल के अभाव में जब यह विधेयक पारित नहीं हो सका, तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने ऐसे जश्न मनाया, मानो वे कोई बड़ी जीत हासिल कर आए हों।
उन्होंने कहा, “यह दृश्य देखकर महाभारत की उस सभा की याद आई, जब कौरवों ने जोर-जोर से हंसते हुए एक अबला नारी का अपमान किया था। हमारी नारी शक्ति का अधिकार छीनकर कांग्रेस के युवराज दुर्योधन की तरह मदमस्त होकर जश्न मना रहे थे और समाजवादी पार्टी के नेताजी दुशासन की तरह महिलाओं का अपमान कर खुद को विजयी मान रहे थे।”
धामी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री महिलाओं को 2029 से लोकतांत्रिक व्यवस्था में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से यह संशोधन विधेयक लाए थे, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के दलों ने मिलकर एक “ऐतिहासिक और युग-परिवर्तनकारी निर्णय” को अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण बाधित कर दिया।
उन्होंने कहा कि इन दलों को डर है कि अगर सामान्य परिवारों की महिलाएं राजनीति में आएंगी और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करेंगी, तो परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति समाप्त हो जाएगी।