दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन पर FIR, धारा 163 के उल्लंघन का आरोप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 13-10-2026
Delhi Police registers FIRs under BNSS Section 163 for violation during Opposition protest
Delhi Police registers FIRs under BNSS Section 163 for violation during Opposition protest

 

नई दिल्ली 

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया कि उसने सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में कई FIR दर्ज की हैं। इनमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (prohibitory orders) के कथित उल्लंघन के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन के लिए कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंबा और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशनों में FIR दर्ज की गईं।
 
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इसके बाद, विपक्ष के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर चुनाव आयोग के मतदाता सूची के SIR (Special Intensive Revision) से जुड़े फैसलों को चुनौती दी।
 
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और INDIA गठबंधन के नौ अन्य नेताओं द्वारा दायर रिट याचिका में 14 कमियां (defects) बताई हैं। इस याचिका में भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) के कुछ पहलुओं को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत, CPI(M) सांसद MA बेबी, CPI नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी, NCP (SCP) सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ET मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
 
खास बात यह है कि रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से इस बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा है कि निजी पक्षों — CEC ज्ञानेश कुमार और दो ECs SS संधू और विवेक जोशी — को रिट याचिका में प्रतिवादी (respondents) के तौर पर क्यों शामिल किया गया है। यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर किए जाने के संदर्भ में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। उन्होंने कई मांगों के साथ-साथ इस बात की जांच की भी मांग की है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में सुधार से जुड़े फैसले कैसे लिए और उन्हें कैसे लागू किया।
 
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने घर पर विपक्षी सांसदों को 'हाई टी' (चाय-नाश्ते) के लिए बुलाया है। यह निमंत्रण 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं और समर्थकों द्वारा वोटर लिस्ट के SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के एक दिन बाद दिया गया है। इससे पहले, राहुल गांधी ने विरोध मार्च के दौरान समर्थन के लिए विपक्षी नेताओं का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
 
उन्होंने कहा, "हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मार नहीं सकते, धमका नहीं सकते या डरा नहीं सकते। हम दबना या डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं करेंगे। जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, कोई अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं। यह एक ही विरोध है, और इसमें सब साथ खड़े हैं। हर एक व्यक्ति हमारे संविधान और लोकतंत्र के इन हत्यारों के खिलाफ खड़ा होगा। और हम पीछे नहीं हटेंगे।"