दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल 50,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, जांच जारी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 26-05-2026
Delhi Police head constable arrested for taking Rs 50,000 bribe, probe on
Delhi Police head constable arrested for taking Rs 50,000 bribe, probe on

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच ने मंगलवार को कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में तैनात एक हेड कांस्टेबल को कथित तौर पर 50,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस ने कहा, "दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच ने कमला मार्केट पुलिस स्टेशन से एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। उसे 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। विजिलेंस ब्रांच मामले की जांच कर रही है।"
 
मामले की जांच जारी होने के कारण आगे के विवरण की प्रतीक्षा है। इस बीच, रिश्वत के एक अलग मामले में, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने 25 मई को रक्षा खरीद से जुड़े कथित 50 लाख रुपये के रिश्वत मामले के संबंध में कर्नल हिमांशु बाली की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) हिरासत पांच दिनों के लिए बढ़ा दी। कोर्ट ने कानपुर के रक्षा आपूर्तिकर्ता अक्षय अग्रवाल और मयंक अग्रवाल की भी पांच दिनों की नई CBI हिरासत मंजूर की, जिन्हें जांच के दौरान कथित तौर पर फरार होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
 
विशेष न्यायाधीश स्मिता गर्ग ने टिप्पणी की कि आरोपियों के "काम करने के पूरे तरीके" (modus operandi) और कथित साजिश में शामिल अन्य सरकारी कर्मचारियों तथा निजी व्यक्तियों के साथ उनके संबंधों का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक थी। CBI के अनुसार, कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित ईस्टर्न कमांड में आर्मी ऑर्डनेंस कोर में तैनात कर्नल बाली ने कथित तौर पर निजी फर्मों के लिए टेंडरों में हेरफेर करने, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए बिलों को पास करने और घटिया सामग्री के नमूनों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत ली थी। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अक्षय अग्रवाल और उनके पिता मयंक अग्रवाल ने अपनी कंपनी, M/s ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड के लिए अनुचित लाभ हासिल करने के वास्ते दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हवाला चैनलों के माध्यम से 50 लाख रुपये का भुगतान किया था।
 
एजेंसी ने आगे कहा कि बरामद रिश्वत की रकम, डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और ईमेल की जांच की जा रही है ताकि साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके और इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों की पहचान की जा सके। एक अन्य आरोपी, यश गुप्ता न्यायिक हिरासत में है, और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई 30 मई को होनी है।