नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को इस सर्दी के मौसम की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। तापमान में लगातार गिरावट के चलते ठंड का असर तेज हो गया है और मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए ‘शीत लहर’ चलने की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह जनवरी 2024 के बाद इस महीने का सबसे कम तापमान है और मौजूदा सर्दी के मौसम में अब तक का न्यूनतम स्तर भी है। वहीं अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे रहा।
मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए मध्यम से घने कोहरे और शीत लहर की संभावना जताई है। सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। आईएमडी के अनुसार, जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है, तो शीत लहर की स्थिति घोषित की जाती है।
शनिवार को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भी तापमान काफी नीचे दर्ज किया गया। पालम में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री, लोधी रोड में 4.7 डिग्री, रिज क्षेत्र में 5.3 डिग्री और आयानगर में भी 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों के साथ शनिवार की सुबह बीते तीन वर्षों में जनवरी की सबसे ठंडी सुबह बन गई। इससे पहले 15 जनवरी 2024 को न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।
ठंड के साथ-साथ दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। शनिवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 346 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। चांदनी चौक इलाके में एक्यूआई 395 तक पहुंच गया, जो “गंभीर” श्रेणी के बेहद करीब है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, दिल्ली के 27 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” जबकि 11 केंद्रों पर “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 301 से 400 के बीच एक्यूआई को “बहुत खराब” और 401 से 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।
‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, स्थानीय प्रदूषण में परिवहन से होने वाले उत्सर्जन का योगदान 10.84 प्रतिशत और दिल्ली व आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का योगदान 11.08 प्रतिशत रहा। ‘वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली’ के अनुसार, 13 जनवरी तक दिल्ली की हवा “बहुत खराब” श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है।