Contaminated water tragedy: CM Yadav calls for ensuring safe water supply for all
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना शहरी स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।
यादव ने अधिकारियों को हर परिस्थिति में दूषित पानी की आपूर्ति को रोकने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्देश हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन से दस्त के प्रकोप के बाद सात लोगों की मौत के बाद आया है।
यादव देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में स्थान प्राप्त इंदौर के प्रभारी मंत्री भी हैं। दूषित जल त्रासदी मामले में मध्यप्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की लगातार मांग कर रही विपक्षी कांग्रेस ने रविवार को इंदौर में मौतों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की है।
सागर जिले के दौरे से लौटने के बाद यहां हवाई अड्डे पर एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने शनिवार को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी 'स्वच्छ जल अभियान' की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि पीने के पानी की गुणवत्ता का नियमित रूप से परीक्षण किया जाना चाहिए और जल के दूषित होने का पता चलने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
यादव ने कहा, "यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे गंभीरता के साथ संबोधित किया जाना चाहिए ताकि राज्य देश के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सके।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बेहतर प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।
स्वच्छ जल अभियान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा - पहला 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा एक मार्च से 31 मार्च तक। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत नागरिकों के पेयजल संबंधी मुद्दों को हल करने के लिए 'जल सुनवाई' (जल शिकायत सुनवाई) भी आयोजित की जाएगी।