सुरक्षा चिंताओं के बीच दिल्ली के ई-रिक्शा चालकों को ऐप-आधारित ‘बैटरी शटडाउन’ का डर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-07-2026
Delhi e-rickshaw drivers fear app-based 'battery shutdown' amid safety concerns
Delhi e-rickshaw drivers fear app-based 'battery shutdown' amid safety concerns

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के आसपास परिचालन करने वाले कई ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वे इन दिनों भय की स्थिति में काम कर रहे हैं।
 
उनका आरोप है कि एक स्मार्टफोन ऐप के जरिए बिना किसी चेतावनी के उनके ई-रिक्शों को बीच सड़क में ही बंद कर दिया जाता है, जिससे वे तेज रफ्तार वाहनों के बीच फंस जाते हैं और यात्रियों की सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ जाती है।
 
यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर एक चीनी ब्लूटूथ-सक्षम बैटरी प्रबंधन ऐप के जरिए अनुकूल लिथियम-आयन बैटरी से चलने वाले ई-रिक्शों को दूर से बंद करते हुए दिखाया गया।
 
इन वीडियो के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने इन दावों की जांच के आदेश दिए हैं।
 
दिल्ली के कुछ सबसे व्यस्त मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने वाले चालकों ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यदि मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि तेज रफ्तार वाहन अक्सर उनके ठीक पीछे चलते हैं और ई-रिक्शा चालकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
 
पंजाबी बाग पश्चिम मेट्रो स्टेशन और पीरागढ़ी मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने वाले ई-रिक्शा चालक श्रीराम ने बताया कि इस मार्ग पर पूरे दिन भारी यातायात रहता है और ई-रिक्शा चालकों को दोनों छोर पर यात्रियों के इंतजार में रुकना पड़ता है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि कई ई-रिक्शा मुख्य सड़क पर अचानक बंद हो गए। जब कोई वाहन बीच सड़क में रुक जाता है तो स्थिति खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पीछे से तेज रफ्तार वाहन आ रहे होते हैं।’’
 
राम ने कहा कि ऐसी स्थिति यात्रियों और चालकों, दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमें हर समय इस बात का डर बना रहता है कि कहीं पीछे से कोई वाहन हमारी गाड़ी में टक्कर न मार दे।’’
 
वेस्ट एन्क्लेव और पीतमपुरा के बीच ई-रिक्शा चलाने वाले अंकुश कुमार ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि बार-बार ई-रिक्शा बंद होने की वजह बैटरी में खराबी है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा ई-रिक्शा बार-बार बंद हो रहा था। मुझे लगा कि बैटरी में खराबी है और उसकी जांच कराने पर 500 रुपये खर्च किए, लेकिन कोई समस्या नहीं मिली। बाद में पता चला कि यह सब उस चीनी ऐप की वजह से हो रहा है। जब ई-रिक्शा बीच रास्ते में बंद हो जाता है तो यात्री किराया दिए बिना दूसरी गाड़ी में बैठ जाते हैं। जो कुछ लोगों को मजाक लगता होगा, वह हमारे लिए सड़क पर जानलेवा साबित हो सकता है।’’