दिल्ली बस गैंगरेप: DNA सैंपल मैच

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 30-09-2026
Delhi bus gang rape case: DNA samples of accused match those recovered from survivor's clothes
Delhi bus gang rape case: DNA samples of accused match those recovered from survivor's clothes

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली पुलिस ने अगस्त में ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक चलती हुई स्लीपर बस में एक नाबालिग के साथ कथित तौर पर गैंग-रेप करने के आरोपी दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में DNA सैंपल समेत फोरेंसिक सबूत अभियोजन पक्ष के मामले का अहम हिस्सा हैं। आरोपियों की पहचान बस ड्राइवर और कंडक्टर के तौर पर हुई है। चार्जशीट तीस हजारी कोर्ट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दाखिल की गई है।
 
चार्जशीट के मुताबिक, दोनों आरोपियों के DNA प्रोफाइल पीड़िता के कपड़ों और बस से मिले बायोलॉजिकल सैंपल से मेल खाते हैं। पुलिस ने बताया कि सीमेन और बालों के रेशों समेत फोरेंसिक सबूत जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे गए थे और रिपोर्ट को चार्जशीट के साथ जोड़ा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 सितंबर को दाखिल की गई चार्जशीट 398 पन्नों की है और इसमें अभियोजन पक्ष के 51 गवाहों के बयान शामिल हैं। कोर्ट ने 24 सितंबर को चार्जशीट का संज्ञान लिया। मामले में आरोपों पर बहस के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
 
पुलिस ने 18 साल से कम उम्र की महिला के साथ गैंग-रेप, अपहरण, गलत तरीके से बंधक बनाने और समान मंशा (common intention) से जुड़े BNS के प्रावधानों के साथ-साथ पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट और एग्रवेटेड पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट से जुड़े POCSO एक्ट के प्रावधान भी लागू किए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, यह घटना 4 अगस्त की रात को हुई थी, जब उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से आई नाबालिग ग्रेटर नोएडा में परी चौक के पास स्लीपर बस में सवार हुई थी।
 
पुलिस ने बताया कि लड़की नोएडा के सेक्टर 63 में अपने एक रिश्तेदार के घर जाने की कोशिश कर रही थी और उस इलाके से अनजान थी। जब वह परी चौक पर इंतजार कर रही थी, तो बस कथित तौर पर उसके पास रुकी। पुलिस को दिए अपने बयान के मुताबिक, उसे बताया गया था कि बस नोएडा जा रही है और वह बस में सवार हो गई। बाद में उसे एहसास हुआ कि बस में कोई अन्य यात्री नहीं है और उसने उतरने की कोशिश की, लेकिन कंडक्टर ने उसे जाने से रोक दिया। पुलिस की जांच में आरोप लगाया गया है कि चलती बस के अंदर यौन उत्पीड़न हुआ। दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में पहुँचने से पहले बस लगभग 47 किलोमीटर चली, जहाँ कथित तौर पर नाबालिग लड़की को छोड़ दिया गया था।
 
इसके बाद पीड़िता पुलिस के पास गई और कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। जांच के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीमों ने रास्ते के CCTV फुटेज की जांच की और बस को दिल्ली के तिमारपुर में एक पार्किंग एरिया में ढूंढ़ निकाला। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बस को भी ज़ब्त कर लिया और गाड़ी से फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए। जांचकर्ताओं को बाल और वीर्य (सीमेन) जैसे बायोलॉजिकल सैंपल मिले, जिन्हें जांच के लिए FSL भेजा गया।
ताज़ा चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपियों के DNA प्रोफ़ाइल जांच के दौरान मिले सैंपल से मेल खाते हैं, जिससे फॉरेंसिक सबूत मिलते हैं जो पुलिस के अनुसार उन्हें कथित अपराध से जोड़ते हैं।
 
जांच में बस से जुड़े सुरक्षा और नियमों से संबंधित कई मुद्दे भी सामने आए। चार्जशीट और पुलिस की पिछली जांच के अनुसार, बस में लगा CCTV कैमरा काम नहीं कर रहा था। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि गाड़ी पर 11 ट्रैफिक चालान बकाया थे, जिनमें परमिट और तय सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल थे। इससे पहले की जांच में ज़रूरी सुरक्षा इंतज़ामों की कमी या उनके काम न करने और भारी पर्दों के इस्तेमाल की भी जांच की गई थी, जिनसे पैसेंजर कंपार्टमेंट के अंदर देखना मुश्किल हो जाता था।
पिछली रिपोर्टिंग के अनुसार, यह पता चलने के बाद कि ड्राइवर और कंडक्टर को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नौकरी पर रखा गया था, पुलिस ने बस ऑपरेटर की भर्ती और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की भी जांच की थी।
 
यह मामला दिल्ली में यौन हिंसा की हालिया घटनाओं में भी शामिल है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया। 28 सितंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन में हाल ही में हुए रेप के मामलों पर ध्यान दिया, जिसमें चलती बस के अंदर नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी शामिल था। कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। चार्जशीट दाखिल होना जांच का एक अहम चरण है; अब कोर्ट 7 अक्टूबर को आरोपों पर दलीलें सुनेगी। आरोपियों पर आरोप लगे हुए हैं और इन आरोपों पर कोर्ट फैसला करेगी। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।