Defence Minister flags-off NCC's All India Girls High Altitude long trek 'Aparajita - Parang La 2026'
नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान नेशनल कैडेट कोर (NCC) की खास एडवेंचर एक्टिविटी, 'ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रेक - अपराजिता - परांग ला 2026' को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेक परांग ला दर्रे (5,578 मीटर, 18,300 फीट) से होकर गुजरेगा, जो हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी को लद्दाख के चांगथांग इलाके से जोड़ता है। इसे देश के सबसे मुश्किल हाई-एल्टीट्यूड ट्रेकिंग रूट में से एक माना जाता है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस टीम का नेतृत्व तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली तीन महिला अधिकारी करेंगी। "इस अभियान में 28 गर्ल कैडेट्स हिस्सा ले रही हैं, जिनकी औसत उम्र 19 साल है; सबसे कम उम्र की प्रतिभागी सिर्फ़ साढ़े 16 साल की है। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने इतनी मुश्किल हाई-एल्टीट्यूड यात्रा में युवा लड़कियों की भागीदारी को देश की महिलाओं के साहस, दृढ़ संकल्प और बढ़ती क्षमताओं का एक मज़बूत सबूत बताया।"
अधिकारियों, मेडिकल स्टाफ़, इंस्ट्रक्टर और सपोर्ट स्टाफ़ के साथ यह अभियान टीम हिमालय के कुछ सबसे दूरदराज़ और मुश्किल इलाकों से होते हुए लगभग 250 किलोमीटर की यात्रा 30 दिनों में पूरी करेगी। इस अभियान के रूट में किब्बर, डुमला, थाल्टाक, बोंगरोजेन, परांग ला दर्रा, डाक करज़ोंग, नोरबू सुमदो, कियांगडोम और कोरज़ोक शामिल हैं, जो ऊंचे रेगिस्तान, ग्लेशियर, बर्फ़ीले मैदानों और नदी घाटियों से होकर गुज़रते हैं।
टीम को सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं में लीडरशिप के गुण, मानसिक मज़बूती, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चुनी हुई कैडेट्स की शारीरिक और मानसिक तैयारी की तारीफ़ की और ज़ोर दिया कि यह यात्रा उनके लिए मज़बूती, आत्मविश्वास और खुद को जानने का एक जीवन-सबक साबित होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि "कैडेट्स परांग ला से न सिर्फ़ यादगार अनुभव लेकर लौटेंगी, बल्कि अपनी अंदरूनी ताकत को भी बेहतर ढंग से समझ पाएँगी।"
रक्षा मंत्री ने टीम के सदस्यों से कहा कि वे पूरी यात्रा के दौरान 'सुरक्षा', 'पर्यावरण' और 'स्थानीय समुदायों के साथ बातचीत' को अपनी प्राथमिकता बनाए रखें। उन्होंने कैडेट्स से कहा, "इंस्ट्रक्टर के निर्देशों का सख्ती से पालन करें, गैर-ज़रूरी जोखिम न लें और हिमालय के पर्यावरण को बचाने के लिए ज़ीरो-वेस्ट (कचरा न फैलाने) का तरीका अपनाएं। स्थानीय समुदायों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, उनकी संस्कृति और परंपराओं को समझें और उनके अनुभवों से सीखें। यह अभियान आपके जीवन में एक अहम पड़ाव साबित होगा और आपको जीवन के हर चरण में 'अपराजिता' (अजेय) बने रहने के लिए प्रेरित करेगा।"
ज़मीन, पानी और हवा में एडवेंचर गतिविधियों में NCC कैडेट्स की बढ़ती उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए, राजनाथ सिंह ने महिला कैडेट्स की तारीफ़ की कि उन्होंने आगे बढ़कर 'नारी शक्ति' का जज़्बा दिखाया। पूरे देश के NCC डायरेक्टरेट से आए कैडेट्स की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि उनकी अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और बैकग्राउंड होने के बावजूद, एक साझा मिशन से जुड़कर वे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।
इस मौके पर NCC के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और NCC व रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह अभियान दो चरणों में चलाया जा रहा है। भाभा-पिन वैली सेक्टर में तैयारी और माहौल के अनुकूल ढलने के लिए एक ट्रेक किया गया, जिसके बाद मेरिट के आधार पर NCC महिला कैडेट्स की अंतिम टीम चुनी गई।
इस अभियान का मकसद NCC महिला कैडेट्स में नारी शक्ति, लीडरशिप, आत्मविश्वास, टीमवर्क, सहनशक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।