CPI(M) leader M.A. Baby criticises Islamic scholar's remarks against women
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी ने महिलाओं की सार्वजनिक स्थानों पर मौजूदगी पर पाबंदियों की वकालत करने वाले इस्लामी विद्वान कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार के बयान की बृहस्पतिवार को आलोचना की और कहा कि ज्यादातर धर्मों में लैंगिक समानता को स्वीकार करने में अब भी झिझक दिखाई देती है।
बेबी ने आरोप लगाया कि कंथापुरम के बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा व्यक्त किए गए विचारों के समान हैं।
कंथापुरम ने रविवार को कोच्चि में आयोजित एक इस्लामी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘भारी तबाही’’ होगी और इस्लाम में इससे बचने के लिए महिलाओं के लिए पर्दा करने का नियम है।
उनकी टिप्पणी की व्यापक आलोचना हुई। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने भी कहा था कि वह इस तरह के विचारों से सहमत नहीं हैं।
पत्रकारों द्वारा कंथापुरम की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर बेबी ने कहा कि दुर्भाग्य से ज्यादातर धर्म विभिन्न मौकों पर लैंगिक समानता को स्वीकार करने में अनिच्छा दिखाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सोच का प्रतिबिंब अब कंथापुरम के बयान के रूप में सामने आया है।’’