आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल उच्च न्यायालय ने कन्नूर में 2006 में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक युवा कार्यकर्ता पर बम फेंककर उसकी हत्या करने के मामले में पांच भाजपा कार्यकर्ताओं की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है।
उच्च न्यायालय ने इसे कन्नूर जिले में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में किसी व्यक्ति की जान जाने की एक और घटना करार दिया।
न्यायमूर्ति ए के जयशंकरण नाम्बियार और न्यायमूर्ति जोबिन सेब्सटियन की खंडपीठ ने कहा कि कुछ दिन पहले एक भाजपा कार्यकर्ता पर हुए हमले के प्रतिशोध में बम फेंककर माकपा कार्यकर्ता याकूब (24) की हत्या कर दी गयी।
खंडपीठ ने कहा, “यह एक और घटना है जिसमें कन्नूर जिले में माकपा और भाजपा के बीच व्याप्त राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते 24 वर्षीय एक युवक ने अपनी जान गंवाई।’’
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें विजयेश (43), प्रकाशन (48), काव्येश (43), मनोहरन (31) और शंकरन मास्टर (49) को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
खंडपीठ ने कहा कि याकूब के पार्टी सहयोगियों की गवाही में कोई विरोधाभास नहीं है तथा उन्होंने अपने ऊपर हमला होने के बाद भी पांचों आरोपियों का मुख्य अपराधी के रूप में नाम लिया।