आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में जोजरी-बांडी-लूनी नदी क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर सोमवार को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि वह इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे सकता है।
यह कड़ी टिप्पणी न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने की, जो जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े एक स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने बांडी और लूनी नदियों में प्रदूषण के मुद्दे को भी रेखांकित किया।
जोजरी नदी जोधपुर से होकर गुजरती है, बांडी नदी पाली से होकर बहती है और लूनी नदी बालोतरा से होकर गुजरती है। बांडी और जोजरी नदियां बालोतरा शहर के पास लूनी नदी में मिल जाती हैं।
न्यायालय ने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान कथित अवैध खनन, खनन पट्टों के नियमितीकरण और बिना आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) के चल रहे उद्योगों से जुड़े मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘अगर हम इसकी जांच-पड़ताल शुरू करते हैं, तो इसमें सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की जरूरत पड़ सकती है।’’
न्यायालय ने कहा, ‘‘राज्य के अधिकारियों की आंखों के सामने पूरी नदी प्रणाली नष्ट हो गई है।’’ उसने टिप्पणी की कि राज्य के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहे हैं।
पीठ ने टिप्पणी की कि यदि राज्य प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो संबंधित पदाधिकारियों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।