आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तीन साल पहले (2023 में) रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता शाकिर अली को यहां की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को सशर्त जमानत दे दी।
अली रिसड़ा नगरपालिका का पूर्व पार्षद और पार्टी की आरामबाग से दो बार लोकसभा सदस्य रहीं अपरूपा पोद्दार का पति है। उसे मंगलवार को हुगली जिले स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया था।
यहां विचार भवन की विशेष अदालत के न्यायाधीश ने अली को जमानत देते हुए निर्देश दिया कि वह हर दो हफ्ते में जांच एजेंसी के समक्ष पेश होंगे। उसके अदालत की अनुमति के बिना पश्चिम बंगाल छोड़ने पर भी रोक लगाई गई है।
अदालत ने कहा कि ये शर्तें मामले में आरोप पत्र दाखिल होने तक लागू रहेंगी।
हुगली जिले में 2023 में राम नवमी की जुलूस के दौरान हुई हिंसा की जांच के सिलसिले में गिरफ्तारी के एक दिन बाद अदालत ने उसे एक जुलाई को दो दिन के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया था।
अली का पक्ष रख रहे वकील ने जमानत की अपील करते हुए अदालत में कहा कि उनका मुवक्किल हर समन पर जांच एजेंसी के सामने पेश हुआ था और वह बीमार है।
जमानत की अर्जी का विरोध करते हुए एनआईए के वकील ने दावा किया कि अली जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।