आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान ‘‘व्यापक स्तर पर बाधा डाले जाने’’ संबंधी तथ्यान्वेषी आयोग की रिपोर्ट के बाद पंजाब के 50 नगर निकाय वार्ड में हुए चुनाव रद्द कर नये सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने पटियाला जिले के 28 और मोगा के 22 वार्ड में हुए चुनाव रद्द कर दिए।
शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग के निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।
स्थानीय निकाय चुनाव 21 दिसंबर 2024 को हुए थे।
आयोग का गठन 24 मार्च 2025 को किया गया था और उसने 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
पीठ ने 28 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्तर पर बाधा डाली गई, जिसमें नामांकन पत्र छीन लिए गए, फाड़े गए या नष्ट कर दिए गए और उम्मीदवारों पर हमला किया गया, उन्हें हिरासत में लिया गया या धमकाया गया।’’
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने पटियाला जिले के 28 और मोगा के 22 वार्ड में हुए चुनाव रद्द कर दिए।
शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग के निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।
स्थानीय निकाय चुनाव 21 दिसंबर 2024 को हुए थे।
आयोग का गठन 24 मार्च 2025 को किया गया था और उसने 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
पीठ ने 28 सितंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान व्यापक स्तर पर बाधा डाली गई, जिसमें नामांकन पत्र छीन लिए गए, फाड़े गए या नष्ट कर दिए गए और उम्मीदवारों पर हमला किया गया, उन्हें हिरासत में लिया गया या धमकाया गया।’’