पंजाब में नगर निकाय चुनावों के लिए मतगणना जारी, ‘आप’ ने बढ़त बरकरार रखी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-05-2026
Counting of votes for Punjab municipal elections underway, AAP maintains lead
Counting of votes for Punjab municipal elections underway, AAP maintains lead

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पंजाब में नगर निकाय चुनावों के लिए मतगणना शुक्रवार को जारी है, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों ने कई वार्ड में बढ़त बनायी हुई है।
 
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुई।
 
राज्य में 26 मई को आठ नगर निगमों -मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट के साथ 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के कुल 102 स्थानीय निकायों के लिए मतपत्र के माध्यम से मतदान हुआ था। इस चुनाव में 63.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
 
स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 7,554 उम्मीदवार मैदान में हैं। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन चुनावों को पंजाब में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें से 80 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।
 
अधिकारियों के अनुसार, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने 201 वार्डों में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी 55 वार्डों में विजयी घोषित किए गए हैं। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवारों ने 61 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के उम्मीदवार 11 वार्डों में विजयी रहे।
 
गिद्दड़बाहा नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने 19 में से 13 वार्ड में जीत दर्ज की। गिद्दड़बाहा को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का गढ़ माना जाता है।
 
आनंदपुर साहिब में आम आदमी पार्टी ने 13 में से 11 वार्ड में जीत हासिल की।
 
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मतगणना केंद्र पर दो सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो संबंधित जिले के सामान्य पर्यवेक्षक की प्रत्यक्ष निगरानी में कार्य करेंगे।
 
उन्होंने कहा कि मतगणना हॉल में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
 
इससे पहले विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी सरकार ने चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया।
 
इन निकाय चुनावों को सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है।