मणिपुर में कांग्रेस ने राहुल एवं अन्य पार्टी नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरूद्ध प्रदर्शन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-07-2026
मणिपुर मेंCongress protests in Manipur against detention of Rahul and other party leadersकांग्रेस ने राहुल एवं अन्य पार्टी नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरूद्ध प्रदर्शन किया
मणिपुर मेंCongress protests in Manipur against detention of Rahul and other party leadersकांग्रेस ने राहुल एवं अन्य पार्टी नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरूद्ध प्रदर्शन किया

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 मणिपुर में बुधवार को कांग्रेस ने एक दिन पहले नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरना देते समय राहुल गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिये जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओ. इबोबी सिंह की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां लोक भवन की ओर मार्च किया तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
 
रैली के दौरान, उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर ‘विद्यार्थियों को बचाओ, मणिपुर को बचाओ‘, ‘हम राहुल गांधी की हिरासत की निंदा करते हैं’ और ‘प्रश्नपत्र लीक बंद करो’ जैसे संदेश लिखे थे।
 
सिंह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को जिस तरह से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, वह बेहद निंदनीय है। नीट प्रश्नपत्र लीक से हजारों बेगुनाह विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर चुप रहे। एक लोकतांत्रिक देश में, सही वजहों से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन और धरने को दबाया नहीं जाना चाहिए।’’
 
मंगलवार को नयी दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके आवास के बाहर अचानक धरना दिया।
 
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन उन्हें उस संवेदनशील इलाके से हटने के लिए मनाने वहां पहुंचे।
 
मंत्री के साथ राहुल गांधी की बातचीत कुछ मिनटों तक चली, जिसके बेनतीजा रहने पर सिंह और गृह सचिव वहां से चले गए।
 
सिंह के विरोध स्थल से जाने के कुछ ही देर बाद, मंगलवार शाम को पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अन्य नेताओं को जबरदस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया।
 
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी को मॉडल टाउन के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया। प्रियंका गांधी और कुछ अन्य सांसदों को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंचीं। कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओ. इबोबी सिंह की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां लोक भवन की ओर मार्च किया तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
 
रैली के दौरान, उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर ‘विद्यार्थियों को बचाओ, मणिपुर को बचाओ‘, ‘हम राहुल गांधी की हिरासत की निंदा करते हैं’ और ‘प्रश्नपत्र लीक बंद करो’ जैसे संदेश लिखे थे।
 
सिंह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को जिस तरह से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, वह बेहद निंदनीय है। नीट प्रश्नपत्र लीक से हजारों बेगुनाह विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर चुप रहे। एक लोकतांत्रिक देश में, सही वजहों से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन और धरने को दबाया नहीं जाना चाहिए।’’
 
मंगलवार को नयी दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके आवास के बाहर अचानक धरना दिया।
 
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन उन्हें उस संवेदनशील इलाके से हटने के लिए मनाने वहां पहुंचे।
 
मंत्री के साथ राहुल गांधी की बातचीत कुछ मिनटों तक चली, जिसके बेनतीजा रहने पर सिंह और गृह सचिव वहां से चले गए।
 
सिंह के विरोध स्थल से जाने के कुछ ही देर बाद, मंगलवार शाम को पुलिस ने राहुल, प्रियंका और अन्य नेताओं को जबरदस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया।
 
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी को मॉडल टाउन के छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया। प्रियंका गांधी और कुछ अन्य सांसदों को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया, जहां कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंचीं। कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।