Congress member Umashree elected Deputy Chairperson of Karnataka Legislative Council
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक विधानपरिषद में मंगलवार को कांग्रेस की सदस्य उमाश्री को सर्वसम्मति से उप-सभापति चुना गया।
उमाश्री ने सोमवार को इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था।
उमाश्री तुमकुरु जिले के तिप्तुर तालुक के नवनकर गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1957 में हुआ था और बेहद गरीब परिवार से होने के कारण वह सिर्फ 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर पाईं, लेकिन बाद में उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
उन्हें 2001 में विधानपरिषद के लिए मनोनीत किया गया था और इस पद पर उन्होंने 2007 तक सेवा दी। उन्होंने 2008 में टेराडल से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं। बाद में 2013 में उन्होंने यह सीट जीती और सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में मंत्री बनीं।
उमाश्री ने महिला एवं बाल विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और कन्नड़ एवं संस्कृति विभागों की जिम्मेदारी संभाली तथा 2016 में उनके विभाग के अच्छे काम के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
विधानपरिषद में उमाश्री को बधाई देते हुए, सदन के नेता यतींद्र सिद्धरमैया ने उन्हें उन महिलाओं के लिए आदर्श बताया जिन्होंने गरीबी और कई चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को एक अभिनेत्री और नेता के तौर पर स्थापित किया।
यतींद्र ने कहा कि उमाश्री ने अपनी आजीविका चलाने के लिए नाट्यमंच का रुख किया, लेकिन आखिरकार वह भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक बनकर उभरीं। उन्होंने कहा कि उन्हें छह बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार, कर्नाटक नाटक अकादमी पुरस्कार और 'गुलाबी टॉकीज़' में उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
उन्होंने कहा कि उमाश्री 2023 में विधानपरिषद में लौटीं। उन्होंने उन्हें ‘बहुत स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व’ वाला बताया, जो हर किसी से मुस्कुराहट और गर्मजोशी के साथ बात करती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि उन्होंने सिर्फ़ 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी, लेकिन 54 साल की उम्र में उन्होंने कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और ज्ञान हासिल करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।’’