नई दिल्ली
पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की 35वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित वीर भूमि पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और उन्होंने देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी के योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Ashok Gehlot, P. Chidambaram और Mukul Wasnik समेत पार्टी के कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं ने वीर भूमि पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और राजीव गांधी को आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला दूरदर्शी नेता बताया।
राजीव गांधी भारतीय राजनीति में उस समय सक्रिय हुए जब उनकी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi की 1984 में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली और उसी वर्ष अक्टूबर में देश के प्रधानमंत्री बने। महज 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री पद संभालकर वे भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे।
राजीव गांधी ने अक्टूबर 1984 से दिसंबर 1989 तक देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल को तकनीकी विकास, दूरसंचार क्रांति और युवा सोच को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाता है। कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव गांधी की राजनीतिक यात्रा अचानक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शुरू हुई थी। हालांकि कम समय में उन्होंने देश की राजनीति और प्रशासन में अपनी अलग पहचान बनाई।
21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। यह हमला लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम यानी Liberation Tigers of Tamil Eelam के एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किया गया था। उनकी हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
वीर भूमि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का सपना देखा था। उन्होंने पंचायत स्तर तक लोकतंत्र को मजबूत करने, युवाओं को अवसर देने और विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के विचारों और नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।