आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को ताइवान के विपक्ष की नेता चेंग ली-वुन से बीजिंग में मुलाकात की और कहा कि शांति दोनों पक्षों के लोगों की साझा इच्छा है।
यह मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने चीन की प्रस्तावित यात्रा से पहले हुई है।
ताइवान के चीनी मुख्य भूमि से पुन: एकीकरण को लेकर उस पर बीजिंग द्वारा सैन्य एवं कूटनीति दबाव बढ़ाने के प्रयासों के बीच चेंग पिछले एक दशक में चीन की यात्रा करने वाली पहली कुओमिनतांग (केएमटी) अध्यक्ष हैं।
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे मुख्यभूमि के साथ पुनः एकीकृत करने का संकल्प दोहराता रहा है।
बीजिंग में शी चिनफिंग ने चेंग ली-वुन से मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘दोनों पक्षों के लोग चीनी ही हैं और हमें शांति चाहिए, हमें विकास चाहिए, हमें संवाद चाहिए और हमें सहयोग चाहिए। यह हम सबकी साझा इच्छा है।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर के लोग अंततः एक-दूसरे के और करीब तथा साथ आएंगे।
हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक की शुरुआत में शी ने कहा, ‘‘यह ऐतिहासिक प्रवृत्ति बदलने वाली नहीं है कि जलडमरूमध्य के दोनों ओर के लोग एक-दूसरे के करीब और साथ आएंगे। यह इतिहास की निश्चितता है और हमें इस पर पूरा विश्वास है।’’
यह नवंबर 2016 के बाद केएमटी अध्यक्ष की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व के साथ पहली मुलाकात है। इससे पहले ऐसा नवंबर 2016 में तत्कालीन केएमटी अध्यक्ष हंग शिउ-चू की मुख्यभूमि चीन की यात्रा के दौरान हुआ था।
चेंग की शी चिनफिंग के साथ इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें हैं क्योंकि 2012 में सत्ता संभालने के बाद से चीनी नेता ताइवान के पुन: एकीकरण के प्रयासों को तेज कर रहे हैं और ‘‘वन चाइना’’ नीति को सख्ती से लागू कर रहे हैं।
चेंग की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को बीजिंग यात्रा से पहले हो रही है, जिसमें ताइवान का मुद्दा शी चिनफिंग के साथ उनकी वार्ता में प्रमुख रूप से उठ सकता है। इस संभावना का कारण वाशिंगटन की ताइपे को 11 अरब डॉलर के हथियार सौदे की योजना है, जो अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी पैकेज होगा।
चीन, ताइवान की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) को अलगाववादी बताता है और बीजिंग समर्थक केएमटी का परोक्ष रूप से समर्थन करता है, क्योंकि वह मुख्यभूमि के साथ घनिष्ठ संबंधों की वकालत करती है।
वहीं, डीपीपी चीन के पुन: एकीकरण के प्रयासों का कड़ा विरोध करती है और ताइवान की अलग पहचान बनाए रखने की पक्षधर है।
चेंग ने शी चिनफिंग के साथ अपनी बैठक में कहा, ‘‘दोनों पक्षों को राजनीतिक टकराव से ऊपर उठकर ताइवान जलडमरूमध्य के पार एक साझा और पारस्परिक रूप से लाभकारी समुदाय की संयुक्त रूप से योजना बनानी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, “हमें युद्ध को रोकने और उससे बचने के लिए एक संस्थागत समाधान तलाशना चाहिए ताकि ताइवान जलडमरूमध्य को दुनिया भर में शांतिपूर्ण तरीके से विवाद समाधान का एक आदर्श बनाया जा सके।’’