छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाएं बरसों से फाइलों पर ही दौड़ रहीं, पटरियों पर नहीं : राजीव शुक्ला

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-03-2026
Chhattisgarh's railway projects have been languishing on files for years, not on tracks: Rajiv Shukla
Chhattisgarh's railway projects have been languishing on files for years, not on tracks: Rajiv Shukla

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं के बरसों से फाइलों पर ही रहने का दावा करते हुए कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सभी राज्यों पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
 
उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए शुक्ला ने कहा कि दल्ली राजहरा से रावघाट और आगे जगदलपुर तक ट्रेन का विस्तार लंबे समय से प्रतीक्षित है तथा यह बस्तर के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
 
उन्होंने कहा ‘‘खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरा रोड से पेंड्रा रोड की नयी लाइनों की घोषणा उत्साह से हुई लेकिन फिर कुछ नहीं हुआ। ’’
 
शुक्ला ने कहा कि इसी तरह सारंगढ़, बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्र की बरसों पुरानी मांग रायपुर-सारंगढ़-झारसुगुड़ा नयी रेल परियोजना भी 15 साल बीत जाने के बावजूद कागजों पर ही है।
 
उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का सर्वेक्षण 2010 में हुआ था और तब इसकी लंबाई 310 किमी और लागत 2161 करोड़ रुपये थी।
 
शुक्ला ने कहा ‘‘अब तो 15 साल बीत गए लेकिन यह फाइलों में ही है। सर्वेक्षण को डेढ़ दशक से अधिक समय बीत गया, जाहिर है कि लागत बढ़ गई होगी। यह रेल लाइन ही नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण राज्यों के बीच आर्थिक संपर्क की पटरी है। इसका पुन: सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए, इसकी लागत का मूल्यांकन कराना चाहिए और इस पर यथाशीघ्र अमल कर इसे पूरा करना चाहिए।’’
 
उन्होंने कहा कि सारंगढ़ और आसपास का क्षेत्र धान उत्पादन, सिल्क व्यापार के लिए जाना जाता है और खनिज संसाधनों से भरपूर नजर आता है।
 
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कई साल से राज्य की रेल परियोजनाएं फाइलों पर ही दौड़ रही हैं और पटरियों पर उनका नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि नयी घोषणाएं हो जाती हैं लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि पिछली योजनाएं कहां तक पहुंचीं।
 
उन्होंने कहा ‘‘जिस तरह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सबके साथ समान व्यवहार करते हैं, उसी तरह मैं अन्य मंत्रियों से भी अनुरोध करता हूं कि वे भी हर राज्य के साथ समान व्यवहार करें।’’